Movie Review: जुमांजी द नेक्स्ट लेवल
हॉलीवुड फिल्म निर्देशक जेक कासडन 20 साल से टीवी शोज बना रहे हैं, फिल्में निर्देशित कर रहे हैं, एक्टिंग भी कर लेते हैं और फिल्मों की पटकथाओं के साथ साथ गाने भी लिख लेते हैं। जुमांजी की दुनिया उनको तब से भाती रही है, जब वह सिनेमा में नए नए आए थे। रॉबिन विलियम्स की जुमांजी के बोर्डगेम को उन्होंने कम्प्यूटर गेम में बदला। इस गेम में जाने वाले किरदारों को जुमांजी जंगल में नए अवतार दिए और कहानी को दिया ऐसा ट्विस्ट जिसमें डब्लूडब्लूएफ स्टार रहे द रॉक यानी ड्वेन जॉनसन बिल्कुल सही नाप के दस्तानों जैसा फिट बैठे। लेकिन, हर सीक्वल शानदार नहीं होती और नाम भले इस बार की कड़ी का जुमांजी – द नेक्स्ट लेवल हो लेकिन कहानी को नेक्स्ट लेवल तक जाने में मेहनत बहुत करनी पड़ी है।
Jumanji: The Next Level Review: दोस्तों की चौकड़ी को दादाओं का साथ, ऐसे पहुंच पाए अगले स्तर तक
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वैसे तो पिछली कड़ी में ही कासडन ने इस सीक्वेल के संकेत दे दिए थे लेकिन कहानी नए सिरे से जमाने के लिए उन्होंने क्रिसमस सीजन का गेटटुगेदर प्लान को चुना। स्पेंसर, फ्रिज, मार्था और बेथनी की जुमांजी गेम से दूर रहने की कसमें तब टूट जाती हैं, जब गेटटुगेदर के लिए स्पेंसर के घर पहुंचे दोस्तों को वह लापता मिलता है। दोस्तों की इस दुनिया में इस बार दो दादाजी भी हैं। और, कहानी का असली पेंच इस बार ये है कि इन दादाओं को मिल जाता है युवाओं की सोच और उनका अंदाज। एक की देह में दूसरे का किरदार, जुमांजी का यही नेक्स्ट लेवल है।
तो फिल्म के सारे नए पुराने किरदार फिर से जुमांजी में हैं। इसके बाद कभी आपको गेम ऑफ थ्रोन्स जैसे दृश्य दिखते हैं, कभी जुरासिक पार्क जैसे तो फिर कभी मिशन इंपॉसिबल की याद आती है। निर्देशक जेक कासडन ने अपने निर्देशन का नेक्स्ट लेवल पाने के लिए तमाम दूसरे निर्देशकों से ये सीढ़ियां उधार ली हैं और इस चक्कर में फिल्म पूरे समय देखी देखी सी दिखती रहती है। एक देह में दूसरे का किरदार वाला फॉर्मूला ही इस कहानी का इकलौता नयापन है। बंदरों से बचने भागने का सीन बहुत कुछ मोगली जैसा है, शुतरमुर्गों से बचने वाला सीन आपको जुरासिक पार्क – द लास्ट वर्ल्ड की याद दिला सकता है।
फिल्म जुमांजी द नेक्स्ट लेवल को पुराने फॉर्मूलों की मंझधार से किनारे तक लाते हैं ड्वेन जॉनसन और जेक ब्लैक के किरदार। दोनों के बीच पूरी फिल्म में चलते रहने वाले एक पंक्तीय संवाद समां बांधे रहते हैं। कैरेन गिलन फिल्म का असली करिश्मा हैं। परदे पर जब भी उनके करतब शुरू होते हैं, लोग उन्हीं को टकटकी बांधे देखते रहते हैं। केविन हार्ट अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं हंसाने की लेकिन उनकी ओवरएक्टिंग उनकी काबिलियत को दबा देती है। डैनी डिविटो और डैनी ग्लोवर की मौजूदगी फिल्म का एक और मजबूत सहारा बनती हैं। हालांकि एक्वाफिना को सिर्फ फिल्म को चीन में चलाने के लिए ही रखा गया है, ये साफ दिखता है। देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा के पति बन चुके निक जोनस जरूर कहानी के आखिरी सिरे से पहले आकर चौंकाने में कामयाब रहते हैं।
फिल्म जुमांजी द नेक्स्ट लेवल की कहानी समझ में तभी आएगी जब आपने इसकी पिछली फिल्म जुमांजी वेलकम टू जंगल देख रखी हो। पहली फिल्म के मुकाबले ये फिल्म उतनी रोमांचक या दिलचस्प तो नहीं है पर फिल्म की रफ्तार काम कर जाती है। कहानी फिर एक बार ऐसे मोड़ पर आकर थमती है कि एक और सीक्वेल की गुंजाइश बनती दिखती है। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में जुमांजी द नेक्स्ट लेवल को मिलते हैं तीन स्टार।
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