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Resul Pookutty: साउंड डिजाइन में ऑस्कर जीत रेसुल पुकुट्टी ने बनाई वैश्विक पहचान, कभी घर में थी पैसों की तंगी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: कामेश द्विवेदी
Updated Fri, 30 May 2025 07:27 AM IST
सार
Resul Pookutty Birthday: रेसुल पुकुट्टी भारतीय सिनेमा के एक ऐसे साउंड डिजाइनर हैं, जिन्होंने केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।
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सिनेमाई दुनिया का सबसे बड़ा अवॉर्ड ऑस्कर जीतने वाले रेसुल पुकुट्टी, जो एक साउंड डिजाइनर के रूप में जाने जाते हैं। फिल्मों में ध्वनि और साउंड डिजाइन की तकनीक को दर्शकों के बीच पहचान दिलाने में इनका खास योगदान रहा है। इसके अलावा रेसुल ने ब्रिटिश फिल्मों के अलावा हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी काम किया है। आज शुक्रवार के दिन साउंड डायरेक्टर रेसुल पुकुट्टी अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर जानेंगे इनके जीवन से जुड़ी खास बातें।
वकील बनाना चाहते थे पिता
रेसुल पुकुट्टी का जन्म 30 मई 1971 को केरल राज्य के कोल्लम जिले के छोटे से गांव विलक्कुपारा में हुआ था। उनके पिता एक प्राइवेट बस में टिकट कलेक्टर थे और घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बचपन से ही रेसुल का रुझान तकनीक और रचनात्मकता की ओर था। उन्होंने भौतिकी में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद एलएलबी में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी क्योंकि उनका सेलेक्शन FTII पुणे में हो गया था। हालांकि, रेसुल के पिता की इच्छा थी कि वो उन्हें वकील बनाएं।
फिल्मों में बनाई पहचान
FTII पुणे से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रेसुल पुकुट्टी मुंबई आ गए। तत्पश्चात रजत कपूर द्वारा निर्देशित की गई फिल्म ‘प्राइवेट डिटेक्टिव: टू प्लस टू प्लस वन’ के साथ साउंड डिजाइनर के तौर पर करियर की शुरुआत की। रेसुल को साल 2005 में संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित 'ब्लैक' फिल्म से काफी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने 'मुसाफिर', 'जिंदा', 'ट्रैफिक सिग्नल', 'गांधी माई फादर', 'सावंरिया', 'दस कहानियां', जैसी आदि फिल्में कीं।
जब ऑस्कर पुरस्कार के जरिए मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी ने अपने जीवन में अभी तक कई अवॉर्ड हासिल किए हैं। उन्हें जीवन की सबसे बड़ी सफलता साल 2008 में आई फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' से मिली, जिसे डैनी बॉयल द्वारा निर्देशित किया गया था। इस फिल्म के लिए रेसुल को रिचर्ड प्राइके और इयान टैप के साथ बेस्ट साउंड मिक्सिंग के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया था। यह किसी भारतीय साउंड डिजाइनर के लिए पहला ऑस्कर था। इसके अलावा इसी फिल्म के लिए ही रेसुल को बेस्ट साउंड के लिए बाफ्टा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
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रेसुल पुकु्ट्टी
- फोटो : अमर उजाला
सम्मान और पुरस्कार
रेसुल पुकुट्टी को फिल्मों में शानदार साउंड डिजाइन करने के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने हिंदी, तमिल, मलयालम, तेलुगू और अंग्रेजी फिल्मों में अहम योगदान दिया है। रेसुल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से लेकर पद्म श्री तक मिल चुके हैं।
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