कभी आईपीएस अफसर बनने की चाह रखने वाली अभिनेत्री पवित्र पूनिया इस समय 'बिग बॉस' के 14वें सीजन का हिस्सा बन गई हैं। फिल्मों और फिल्मी पत्रिकाओं तक से दूर रहीं पवित्र का करियर इस चमक दमक भरी फिल्मी दुनिया में ही बन गया। उन्होंने शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई में मन लगाया और लगातार कुछ न कुछ करती रहीं। लेकिन, उनका मन बहुत चलायमान निकला इसलिए समय-समय पर उनके सपने भी बदलते रहे। पहले वह एयर होस्टेस बन गईं जिसके बाद उन्होंने 'एमटीवी स्प्लिट्सविला' में भी एक प्रतियोगी बनकर हिस्सा लिया। इस बारे में पवित्र बताती हैं कि यह सब भगवान के आशीर्वाद से ही होता रहा है। 'बिग बॉस' के घर में घुसने से पहले अमर उजाला ने पवित्र से कई बातों पर चर्चा की।
Bigg Boss 14: पवित्र पुनिया बोलीं, 'घरवालों ने कहा है कि पिटकर नहीं आना, पीटकर भले ही आ जाना'
'बिग बॉस' के इस सीजन से आपको क्या आशाएं हैं और आप किस तरह की तैयारियों के साथ अपना खेल शुरू करने वाली हैं?
जिस तरह जिंदा सलामत अंदर जा रहे हैं, उसी तरह सही सलामत घर से बाहर भी निकल आएं, वही बड़ी बात होगी। इस महामारी की वजह से चैनल और शो के निर्माताओं की तरफ से स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं काफी मजबूत की गई हैं। और दूसरी आशा सिर्फ इतनी है कि बस वह ट्रॉफी हाथ में आ जाए। चाहे उसके लिए लड़ना पड़े, भिड़ना पड़े, पिटना पड़े, कूटना पड़ेगा, जूझना पड़े। और तैयारियां तो तब तक नहीं हो सकती जब तक पता ही नहीं चले कि सामने मुकाबला किससे है?
पहली बार आपके पास 'बिग बॉस' का ऑफर कब आया और तब आपकी प्रतिक्रिया कैसी थी? तब से फिर आपने अपने आप को किस तरह तैयार करना शुरू किया?
मेरे पास 'बिग बॉस' का ऑफर पिछले साल आया था। तब मैं कर नहीं पाई। और इस साल मई के महीने में आया। क्योंकि, उस वक्त हाथ में कुछ था नहीं तो इस बार हां बोल दी। इसके लिए खुद को तैयार करने की वैसे कुछ खास जरूरत थी नहीं क्योंकि मानसिक रूप से मैं बहुत मजबूत हूं और शारीरिक मजबूती के लिए हमारा खून ही ऐसा है। जाटों के खानदान से हैं इसलिए घर में रहकर सिर्फ खाने पर ध्यान जाता है। अगर जिम खुले होते तो शायद कुछ तैयारी हो भी सकती थी।
जब आपके माता-पिता को पता चला कि आपके पास 'बिग बॉस' का ऑफर आया है तो उनकी प्रतिक्रिया क्या रही?
जब मेरे घर वालों को पता चला कि मेरे पास 'बिग बॉस' का ऑफर आया तो वह बहुत खुश हुए। मेरे एक बड़े भाई हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मना मत करना। लेकिन हमारे खानदान का एक नियम है कि अक्सर कहा जाता है कि पिटकर मत आना, पीटकर भले ही आ जाना। अगर पिटकर आए तो घर में घुसने नहीं देंगे। और अगर पीटकर आए तो तुम्हें खिला पिला कर बड़ा करेंगे। तो मेरे माता-पिता का यही कहना था कि रोना बिल्कुल नहीं है और किसी की गालियां नहीं खानी हैं। मारो, कूटो, जो करना है करो। लेकिन, हमारी बेटी दबकर नहीं रहेगी।
शो में आपका सामना सलमान खान से होगा। क्या आप उनसे पहले कभी मिली हैं? और अगर इस बार मिलेंगी तो कितनी उत्साहित हैं?
2010 में 'एमटीवी मेकिंग द कट 2' नाम से एक शो कर रही थी। इसकी शूटिंग महबूब स्टूडियोज में चल रही थी। यह एक रियलिटी शो था। उस वक्त सलमान खान की वैनिटी वैन हमारे स्टूडियो के सामने ही आकर रुकी थी। सलमान खान की एक आदत है कि वह वैनिटी के अंदर नहीं बैठते, बाहर निकल कर बैठते हैं। जब मेरे साथ वाले प्रतियोगियों ने उन्हें देखा वे सलमान खान के ऊपर टूट पड़े। उन्होंने सलमान को इस तरह घेर लिया था कि शायद सलमान को तो सांस भी नहीं आ रही होगी। मैं शायद इकलौती प्रतियोगी थी जो अलग कुर्सी डालकर यह सब तमाशा देख रही थी। मैं हिंदी सिनेमा में काम करने वाले किसी भी कलाकार की फैन नहीं हूं। लेकिन, इज्जत सभी की करती हूं। सलमान से यह मुलाकात भी साधारण ही रहने वाली है।
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