भारतीय लोक सेवा प्रसारण 'दूरदर्शन' आज 61 साल का हो गया है। साल 1959 को 15 सितंबर के ही दिन इसे लॉन्च किया गया था। अगर दूरदर्शन के Logo को देखें तो यह एक आंख की तरह लगता है। संचार और डिजिटल क्रांति के इस युग में जीने वाली आज की युवा पीढ़ी को दूरदर्शन (Doordarshan) के आगमन के बारे में शायद ही ज्यादा पता हो, लेकिन पिछली पीढ़ी का दूरदर्शन के साथ गहरा नाता रहा है। देश में टीवी के शुरुआती दौर में जिन कार्यक्रमों ने धूम मचाई थी, आज भी उनकी यादें करोड़ों जेहन में ताजा हैं। आइए बात करते हैं उन सीरियल्स के बारे में।
80- 90 के दशक में दूरदर्शन ने दर्शकों को दिखाई थी एक अलग दुनिया, घर-घर में जबरदस्त हिट हुए थे ये सीरियल
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बुनियाद
दूरदर्शन के अपने हर सीरियल का एक फ्लेवर था और हर कोई अपने पसंदीदा सीरियल का इंतजार करता था।भारत में टेलीविजन आने के शुरुआती दौर में बुनियाद सीरियल ने भी अपने दर्शकों के बीच खासी जगह बनाई। इसे रमेश सिप्पी और ज्योति ने निर्देशित किया था। इस नाटक की लोकप्रियता इतनी थी कि इसे सालों बाद कई निजी चैनलों ने भी ऑन एयर किया था।
हम लोग
मनोहर श्याम जोशी का शो 'हम लोग' उस दौर के सबसे बेहतरीन शोज में शुमार था। 154 एपिसोड वाला यह धारावाहिक 7 जुलाई, 1984 को शुरू हुआ और 17 दिसंबर, 1985 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ। इसके निम्न मध्यवर्गीय पात्र न सिर्फ दर्शकों से कनेक्ट करने में कामयाब रहे, बल्कि वे आम लोगों की बात उन्हीं की जुबान में करते दिखे। पारिवारिक घटनाक्रमों पर आधारित इस कार्यक्रम ने अपनी अलग ही पहचान बनाई।
रामायण
25 जनवरी, 1987 को इसका टीवी पर आगाज हुआ और 31 जुलाई, 1988 तक इसने दर्शकों और उनके इमोशंस को बांधकर रखा। इस शो की लोकप्रियता इतनी थी की रविवार की सुबह देर तक सोने वाले भी इसे देखने के लिए जल्दी उठ जाया करते थे। इतना ही नहीं शो में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को लोगों ने राम मानना शुरू कर दिया था।
शक्तिमान
शक्तिमान उस दौर का ऐसा शो था जिसने खासकर बच्चों को दीवाना बनाया। अभिनेता मुकेश खन्ना के जीवंत अभिनय ने इस किरदार को अमर कर दिया। सीरियल ने 400 एपिसोड सफलतापूर्वक पूरे किए और टीवी की दुनिया में छा गया। शो के खत्म होने के बाद छोटी छोटी मगर मोटी बातें खूब पसंद किया जाता था।