बचपन हर गम से बेगाना होता है, और सितारे कितने भी बड़े क्यों न हो जाएं उनका बचपन हमेशा उनके जीवन में ध्रुव तारे की तरह चमकता रहता है। छोटे परदे के तमाम बड़े सितारों ने इस बाल दिवस से पहले अपने बचपन की यादें अमर उजाला के साथ साझा कीं और ये भी बताया कि आखिर उनका बचपन हर गम से बेगाना कैसे रहा।
बचपन हर गम से बेगाना क्यों होता है? पढ़ें बाल दिवस पर क्या बोले छोटे परदे के ये सितारे?
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अभिषेक शर्मा
‘निमकी विधायक‘ शो में मिंटू सिंह का किरदार निभा रहे एक्टर अभिषेक शर्मा ने बताया कि मेरी बचपन की यादों की सबसे सुनहरी याद है अपने घर और स्कूल से दूर छुट्टियों में नानी के घर जाना और उनके हाथ के बने स्वादिष्ट पकवान का मजा लेना। रही बात मेरे अंदर पल रहे बच्चे की तो मैं ‘निमकी विधायक‘ के सेट पर आज भी सभी के साथ खूब मस्तियाँ करता हूँ इसलिए सेट पर और मेरे बचपन के दोस्त मुझे आज भी बच्चा ही बुलाते हैं।
इशिता गांगुली
‘जग जननी माँ वैष्णो देवी‘ शो में माँ काली का किरदार निभा रही एक्ट्रेस इशिता गांगुली ने बताया कि मेरी बचपन को लेकर बहुत सारी यादें जुड़ी हैं क्युकि मैं स्मॉल टाउन से हूँ । मैं हमेशा पेड़ों से अमरुद, कच्ची कैरी चुराती थी और अपनी दादी को बहुत परेशान करती थी। मेरी दादी सोने से पहले अपने पास एक पानी का घड़ा रखती थी तो मैंने एकदिन उसमें लाल मिर्च, अजवाइन, शैम्पू मिला दिया, जिसे पीने के बाद मेरी दादी को उल्टियां शुरू हो गई। खुद में एक बच्चे को जिंदा रखने के लिए मैं हमेशा वह काम करती हूँ जो मुझे बहुत पसंद है। जैसे अपने छोटे भाई को खूब परेशान करना अगर वो सोया है तो उसे मेकअप करना जब जो खाने का मन करे खालो, खूब सारा डांस करलो।
मदिराक्षी मुंडले
‘जग जननी माँ वैष्णो देवी‘ शो में माँ लक्ष्मी का किरदार निभा रही मदिराक्षी मुंडले ने बताया कि मैंने बचपन की बहुत आदतें बटोरी हैं। मेरी सोसायटी में निचे एक खड़ूस आंटी रहती थी और तो मैंने और मेरे कुछ दोस्तों ने मिलकर उनको मजा चखाने का प्लैन किया, जिसमें मैंने चादर ओढ़कर आँख नाक बनाकर एक भूतिया अंदाज में एकदम रात को घंटी बजाकर उनको खूब डराया था। मैं उन शरारती बच्चों में से एक थी जो पूरे बिल्डिंग के डोर की घंटिया दोपहर या रात को बजाकर सभी को खूब परेशान करते थे। रही बात मेरे अंदर के बच्चे की तो वो कभी मरा ही नहीं। मेरे अंदर छुपी एक मिनी मदिराक्षी के होने से ही मैं अपने जीवन के हर गंभीर फैसले ले पाती हूँ। मैं आज भी ‘जग जननी माँ वैष्णो देवी‘ के सेट से फ्री होकर घर पहुँचती हूँ तो बच्चों की तरह पहले खूब डांस करती हूँ। इस तरह मेरा स्ट्रेस भी निकाल लेती हूँ और एक तरह से एक्सरसाइज भी कर लेती हूँ ।
कीर्तिदा मिस्त्री
चिल्ड्रेन्स डे मुझे हमेशा अपने बचपन की यादों से जोड़ता है। मैं खुदको बहुत लकी मानती हूँ कि मैंने बचपन से लेकर अबतक अपने माता- पिता से जिस चीज की मांग की वह सब मुझे मिला। मैंने उनसे हमेशा दयालु रहने का स्वभाव अडॉप्ट किया है, जिसे मैं हमेशा आगे साथ लेकर चलना चाहती हूँ। इस बार मैं पहली बार ‘मुस्कान‘ शो में एक माँ का किरदार निभा रही हूँ और रील लाइफ बेटी खुशी को इस चिल्ड्रेन्स डे पर कुछ स्पेशल गिफ्ट करने का प्लैन कर रही हूँ ।