कभी हिंदी सिनेमा के बादशाह रहे शाहरुख खान के रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज 'बेताल' अपने रिलीज के इतने नजदीक आने के साथ ही एक विवाद में फंस गई है। शाहरुख की इस वेबसीरीज के खिलाफ मराठी फिल्मों के पटकथा लेखक समीर वाडेकर और महेश गोसावी ने मुंबई हाईकोर्ट में एक याचिका दर्ज करते हुए कहा कि 'बेताल' की कहानी को उनकी एक कहानी 'वेताल' से चुराया गया है। मामला स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन तक भी पहुंच गया है। इस बारे में फिलहाल नेटफ्लिक्स ने कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है।
'चोरी' की कहानी से नेटफ्लिक्स की साख संकट में, राइटर्स की यूनियन ने कहा, 'लॉकडाउन के बाद होगा एक्शन'
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अपनी फिल्म वेताल से नेटफ्लिक्स की सीरीज बेताल की समानता साबित करने के लिए समीर और महेश ने अदालत के सामने कम से कम 10 तथ्यों को गिनाया। उन्होंने कहा, 'इन दोनों प्रोजेक्ट में कम से कम 10 समानताएं हैं। हमारी कहानी को हमने शिवाजी के युग से जोड़ा है जबकि बेताल में उन्होंने इस कहानी को ब्रिटिश युग से जोड़ दिया है। हमारी कहानी में सेना एक फोक म्यूजिक पर डांस करती है। ठीक वैसा ही दृश्य 'बेताल' के ट्रेलर में भी दिखाया गया है।'
बेताल की कहानी ब्रिटेन से आकर पिछले आठ साल से भारत में काम कर रहे पैट्रिक ग्राहम और सुहानी कंवर ने लिखी है। यह कहानी एक ऐसे दस्ते के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक सुरंग की खुदाई वाली जगह के आस-पास के गांववालों को वहां से हटा देना चाहता है। समीर की कहानी भी एक ऐसे पर्यावरणविद के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक जगह पर खनन करने वाले लोगों को रोकता है जो वहां आस-पास रहने वाले गांववालों को दूर भगा देना चाहते हैं। हालांकि, इन सभी तथ्यों के बावजूद कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि अगर कहानी में समानता है तो सीरीज के निर्माताओं से हर्जाना वसूला जा सकता है।
समीर वाडेकर कहते हैं, 'हमने अपनी पटकथा को कई प्रोडक्शन हाउसेज में दिखाया। हम इसे लेकर कभी शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट नहीं गए इसलिए हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते लेकिन हम नेटफ्लिक्स पर केस करना चाहते हैं। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आखिर हमारी यह कहानी दूसरे लोगों तक कैसे पहुंच गई।’
समीर वाडेकर की ये पटकथा स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए) में भी रजिस्टर्ड है। इसकी शिकायत वहां भी दर्ज कराई गई है। एसडब्ल्यूए की कार्यकारिणी से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई तो संस्था के उपाध्यक्ष राजेश दुबे ने कहा कि इस बारे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। लॉकडाउन खत्म होते ही स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन इस बारे में कार्रवाई करेगी। वहीं नेटफ्लिक्स की प्रवक्ता ने किसी तरह की टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
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