शिवांगनी वशिष्ठ
Medi-Facial: आम फेशियल से कितना अलग है मेडी फेशियल? जानिए इसके फायदे
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क्या है मेडी फेशियल
मेडी फेशियल में एडवांस लेजर, लाइट डिवाइस, एक्सफोलिएशन तकनीक और वॉटर जेट का प्रयोग किया जाता है। इससे डेड स्किन सेल्स आसानी से साफ होते हैं और चेहरे पर चमक आती है। खास बात यह कि मेडी फेशियल को विशेषज्ञ की निगरानी में किया जाता है और त्वचा की समस्या को देखकर उसके मुताबिक इसमें उपचार पद्धति अपनाई जाती है। बेहतर स्किन केयर के साथ इसको अपनाया जाए तो इस के बेहतर नतीजे हासिल होते हैं।
आम फेशियल से कितना अलग
सैलून के सामान्य फेशियल में आमतौर पर स्टीम और ब्लीच का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में त्वचा को हानि पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इससे स्किन बैरियर भी डैमेज हो सकते हैं, साथ ही जिन क्रीम से स्किन की मसाज की जाती है, वे भी पोर्स के ब्लॉक होने का कारण बन सकती हैं। सैलून फेशियल कुछ समय तक ही टिक पाता है।
साइड इफेक्ट नहीं
मेडी फेशियल में स्टीम और ब्लीच जैसी हार्ड क्रीम का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि ऐसी तकनीक प्रयोग में लाई जाती है, जो त्वचा के लिए किसी भी रूप में हानिकारक न हो। यह स्किन टोन और टेक्सचर को इंप्रूव करने में मदद करता है और तुरंत ब्राइट स्किन देता है। इससे एक्ने, फाइन लाइंस और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं भी दूर की जाती हैं, साथ ही त्वचा संबंधी स्थायी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
उपचार पद्धति
मेडी फेशियल में लेजर फेशियल भी शामिल है, जो काफी एडवांस तकनीक है। स्टेम सेल फेशियल भी मेडी फेशियल का ही हिस्सा है। यह फेशियल फाइन लाइंस और झुर्रियों से बचने के लिए किया जाता है, जिससे त्वचा अधिक साफ हो जाती है।
कई समस्याओं में कारगर
मेडी फेशियल ड्राई और लूज स्किन जैसी कई समस्याओं के उपचार में कारगर है। इसे कराने से त्वचा जवान, चमकदार, मुलायम और कोमल हो जाती है। यह तनाव कम करने में भी सहायक है।