नवरात्रि के नौ दिन माता रानी की पूजा आराधना में पूरा हिंदू समाज डूबा रहता है। नौ दिनों तक देवी मां की विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन घर से लेकर मंदिरों में होता है। जिसमें शामिल होने के लिए भक्त लोग पहुंचते हैं। माता रानी की पूजा में जैसे विधिवत मंत्रों और पूजा की सामग्री का महत्व होता है उसी तरह से परिधान का भी खास महत्व है। पूजा के समय वैसे तो पारंपरिक कपड़े पहनना ज्यादा अच्छा होता है लेकिन इसके साथ ही इन बातों का ध्यान रखना भी ठीक होगा। तो चलिए जानें माता रानी की पूजा में कपड़ों के चयन में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Chaitra Navratri 2020: पूजा के समय कपड़े पहनने के दौरान न करें ये गलतियां, देवी मां हो जाएंगी नाराज
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देवी मां का पसंदीदा रंग लाल बताया गया है। वैसे तो मां दुर्गा के नौ रूपों के लिए हर दिन अलग रंगों का विधान है। लेकिन समग्र रूप से दुर्गा मां लाल रंग पसंद करती हैं। इसीलिए तो पूजा के समय लाल फूल से लेकर रोली और कलावे का विशेष महत्व होता है। इसीलिए कहा जाता है कि देवी मां की पूजा के दौरान काले रंग के कपड़ों से परहेज करना चाहिए।
काले रंग को नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक कहा गया है। इसी तरह अगर आपका बस चले तो नीले रंग को भी इन नौ दिनों में न पहना जाए तो बेहतर होगा। अगर आप देवी मां को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इन नौ दिनों में काले या नीले रंग के कपड़ों से परहेज करें।
नवरात्रि के दिन नए कपड़ों को पहनने का नियम है। लेकिन हर किसी के लिए इस नियम का पालन करना संभव नही है इसलिए पूजा के समय साफ-सुथरे कपड़े पहने। रोजाना नहाने के बाद भूलकर भी गंदे कपड़े पहनकर पूजा न करें। कुछ लोग टॉप या शर्ट तो हर दिन बदलते हैं, लेकिन जींस को दो-चार दफा पहन लेते हैं। पूजा के समय ऐसी गलती न करें।
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पूजा के समय किसी दूसरे के कपड़ों को नहीं पहने। अगर आपके लिए नए कपड़े खरीदना मुश्किल भरा काम है तो बस जो कपड़े धोकर रखे गए हैं उन्हें ही पूजा के लिए इस्तेमाल करें।