टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की मौत पर सवाल उठने लगे हैं। मिस्त्री मर्सिडीज कार से थे। ये कार काफी सुरक्षित मानी जाती है। इसके कई फीचर हैं, जो हादसे की स्थिति में अंदर बैठे लोगों की सुरक्षा करते हैं। हादसे के बाद सामने आए वीडियो के बाद लोग कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।
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लोग पूछ रहे कि आखिर इतनी सुरक्षित कार होने के बाद भी इस तरह का हादसा कैसे हो गया? सोशल मीडिया पर यूजर्स हादसे की जांच की भी मांग कर रहे हैं?
इतनी सुरक्षित कार होने के बावजूद मिस्त्री की मौत कैसे हो गई?
जिस मर्सिडीज कार से सायरस मिस्त्री और उनके दोस्त सफर कर रहे थे, उसके वीडियो और फोटो सामने आए है। इसमें साफ दिख रहा है कि कार के आगे का हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि अंदर कुछ खास नुकसान नहीं हुआ है। कार ड्राइव कर रहीं डॉ. अनाहिता पंडोले और उनके बगल की सीट पर बैठे उनके पति गंभीर घायल हैं, जबकि पीछे बैठे सायरस मिस्त्री और उनके एक अन्य दोस्त की मौत हो गई।
ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर ये कैसे संभव है कि कार में आगे बैठे लोगों को कुछ नहीं हुआ और पीछे बैठे दोनों लोगों की मौत हो गई? वह भी तब जब अंदर कार को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। यहां तक की मर्सिडीज कार में सात एयरबैग होते हैं।
इसको लेकर पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर रिपोर्ट बनाई है। इसमें पुलिस ने दावा किया है कि हादसे के वक्त आगे बैठे दोनों यात्रियों ने तो सीट बेल्ट पहन रखी थी, लेकिन पीछे बैठे लोगों ने नहीं। ऐसे में जब कार डिवाइडर से टकराई तो पीछे बैठे सायरस मिस्त्री और जहांगीर पंडोले उछलकर आगे की तरफ आ गए होंगे और एयरबैग खुलने से पहले ही उनके सिर में गंभीर चोट लग गई होगी। जिसकी वजह से दोनों की मौत हो गई। पुलिस का ये भी कहना है कि हादसे के वक्त मिस्त्री की कार किसी दूसरे गाड़ी को ओवरटेक कर रही थी और कार की रफ्तार भी तेज थी।
कहीं कोई साजिश तो नहीं?
इसको लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट आए हैं। ज्यादातर यूजर्स इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मामले में गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पुलिस को हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच करने को कहा है।
क्या सच में ये कोई साजिश है?
इसे समझने के लिए हमने ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञ राजेश पुरोहित से बात की। उन्होंने कहा, अभी तक जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उससे देखकर ये हादसा ही लग रहा है। आमतौर पर लोग महंगी गाड़ियों को पूरी तरह से सुरक्षित मान लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हादसे के दौरान अच्छी गाड़ियां कुछ हद तक अंदर बैठे लोगों को बचा सकती हैं, लेकिन तभी जब आप उनके नियम के अनुसार रहो। इस मामले में यही हुआ है। आगे बैठे दोनों लोग बेल्ट लगाए हुए थे, लेकिन पीछे बैठे सायरस मिस्त्री और दूसरे दोस्त ने बेल्ट नहीं पहनी थी। इसके चलते जब तक एयरबैग खुलता, तब तक दोनों को चोट लग चुकी थी।'
साजिश के सवाल पर पुरोहित कहते हैं, 'इसकी जांच पुलिस को करनी चाहिए। यह देखना होगा कि किस हालत में कार डिवाइडर से टकराई। हादसे के वक्त कार की रफ्तार क्या थी? अचानक क्या हो गया कि कार डिवाइडर से टकरा गई? हादसे के बाद क्या-क्या हुआ? हादसे के पहले कार की क्या कंडिशन थी? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही सही मायने में इसके बारे में कुछ कहा जा सकता है।'
जिस मंदिर से लौट रहे थे, वहां के पुजारी ने क्या कहा?
सायरस गुजरात के उदवाड़ा स्थित अग्नि मंदिर से मुंबई लौट रहे थे। उसी दौरान हादसा हुआ। अग्नि मंदिर के पुजारी का बयान आया है। उन्होंने कहा, 'पालोनजी के निधन के बाद सायरस ने हमारे ईरानशाह अग्नि मंदिर और धर्मशाला को रेनोवेशन करवाया था। शपोरजी पलोनजी ग्रुप ने पारसी समाज के विकास के लिए सबसे ज्यादा दान दिया है। यहां देखरेख का सारा खर्च भी वही उठाते हैं। हर कार्यक्रम में सबसे पहले उनके परिवार के लोग यहां पहुंचते थे।'