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Manoj Jarange: 'मराठवाड़ा के मराठों को कुनबी घोषित करें, तुरंत आरक्षण दें'; प्रतिनिधिमंडल से बोले मनोज जरांगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 30 Aug 2025 04:04 PM IST
सार

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारंगे और सरकार की ओर से नियुक्त प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को मुंबई में हुई बातचीत बेनतीजा रही। जरांगे ने पूर्व न्यायाधीश संदीप शिंदे को उनके साथ बातचीत के लिए भेजने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी आलोचना की। शिंदे मराठों को आरक्षण देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष हैं।

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Declare Marathwada Marathas as Kunbis give quota: Manoj Jarange to delegation under retired High Court judge
मनोज जरांगे - फोटो : PTI

मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल से कहा कि सरकार को मराठवाड़ा के सभी मराठों को कुनबी घोषित करना चाहिए और उन्हें आरक्षण देना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार दोपहर दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में जरांगे से मुलाकात की। वह मराठा समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

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मनोज जरांगे - फोटो : PTI

जरांगे ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले 13 महीनों से इस मुद्दे से संबंधित राजपत्रों का अध्ययन किया है। अब समय आ गया है कि पैनल अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि मराठों को कुनबी का दर्जा मिल सके। जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। कुनबी एक कृषि प्रधान जाति, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है, जिससे वे सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र बनेंगे।

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मनोज जरांगे - फोटो : PTI

जारंगे ने कहा, 'मराठवाड़ा में मराठों को कुनबी घोषित किया जाना चाहिए। उन्हें आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसके लिए हैदराबाद और सतारा राजपत्रों को कानून बनाया जाना चाहिए। जवाब में सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे ने कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्ट देने का अधिकार नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह पिछड़ा वर्ग आयोग का काम है। उन्होंने आगे कहा, 'जाति प्रमाण पत्र व्यक्तियों को दिया जाता है, पूरे समुदाय को नहीं।'

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मनोज जरांगे - फोटो : PTI

शिंदे और जारंगे के बीच हुई पूरी बातचीत का मराठी समाचार चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार की ओर से सितंबर 2023 में मराठा समुदाय के सदस्यों को 'कुनबी' जाति प्रमाण पत्र जारी करने की पद्धति तय करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष हैं।

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मनोज जरांगे - फोटो : PTI

समिति को पूर्ववर्ती हैदराबाद और बॉम्बे राज्यों के अभिलेखों का अध्ययन करने के लिए कहा गया था, जहां मराठों का उल्लेख कभी-कभी कुनबी के रूप में किया जाता है। शुरुआत में मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए नियुक्त इस समिति का दायरा बाद में पूरे राज्य तक बढ़ा दिया गया।

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