Gujarat Election Result: केजरीवाल के वो तीन दावे, जो बुरी तरह फेल हुए, इसके पीछे क्या थी AAP की रणनीति?
केजरीवाल के लिखे सभी दावे फेल हो गए। आइए जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने क्या-क्या दावे किए थे? आखिर इन दावों के पीछे केजरीवाल की क्या रणनीति थी? अब इन दावों पर किस तरह की प्रतिक्रिया हो रही है?
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1. कांग्रेस को पांच से भी कम सीटें मिलेंगी: टीवी चैनलों पर केजरीवाल ने पहला लिखित दावा कांग्रेस की सीटों को लेकर किया था। उनका ये दावा गुजरात चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले आया। इसमें उन्होंने टीवी चैनलों के मंच पर लिखकर दिया कि इस बार गुजरात चुनाव में कांग्रेस को पांच से भी कम सीटें मिलेंगी। केजरीवाल का ये दावा गलत निकला। इस बार चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशी चुनाव जीतने में कामयाब हुए। 2017 के मुकाबले इसमें 60 सीटों की कमी जरूर आई, लेकिन इतनी भी नहीं कि केजरीवाल का दावा सही निकल जाए।
केजरीवाल ने इसे भी एक कागज पर लिखकर सार्वजनिक तौर पर दावा किया था। केजरीवाल का ये दावा भी फेल हो गया। इसुदान गढ़वी खंभालिया सीट से चुनाव लड़े। उन्हें भाजपा उम्मीदवार मूलुभाई बेरा ने 18 हजार से भी ज्यादा मतों से हरा दिया। इसी तरह कतारगाम सीट से आप के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया भी बुरी तरह से चुनाव हार गए।
इटालिया को भाजपा के प्रत्याशी विनोदभाई मोरडिया ने 64 हजार से भी ज्यादा मतों से चुनाव हराया। तीसरे नेता अल्पेश कथीरिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कथीरिया की जीत का भी केजरीवाल ने दावा किया था, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी किशोरभाई कानाणी ने 16 हजार से भी ज्यादा मतों से हराया।
3 बातें लिख के दे रहा हूं:
— AAP (@AamAadmiParty) November 28, 2022
1️⃣हमारे Gujarat प्रदेश अध्यक्ष @Gopal_Italia भारी Margin से जीत रहे हैं
2️⃣हमारे CM उम्मीदवार @isudan_gadhvi जी भारी Margin से जीत रहे हैं
3️⃣ वराछा से @OfficialAlpesh भारी Margin से जीत रहे हैं
—CM @ArvindKejriwal pic.twitter.com/518qf3xUaJ
क्रिएटिव कैप्शन को फॉलो बैक 😅 pic.twitter.com/A7YkFi38KH
— Ajay Sehrawat (@IamAjaySehrawat) December 8, 2022
ऐसा नहीं है कि अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में पहली बार इस तरह का दावा किया है। इसके पहले गोवा, यूपी समेत कई राज्यों के चुनाव में वह इस तरह के गलत दावे कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बार-बार इस तरह के दावे वह क्यों करते हैं? इसे समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी देश में तेजी से उभरती हुई पार्टी है। अगर आप इनके तरीकों का अध्ययन करें तो इनका ज्यादातर काम प्रचार पर टिका हुआ है। ये अपनी छोटी सी छोटी बात को बड़ा बनाकर दिखाने की कोशिश करते हैं। उसे ब्रांड के रूप में प्रजेंट करते हैं। केजरीवाल के दावे इसी का एक हिस्सा है।'
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