उम्र के साथ होने वाले मानसिक और शारीरिक बदलाव और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को ऐप लांच किया। इसके अलावा उसी समाज से प्रशिक्षित साथिया (नेतृत्व क्षमता वाले/वाली) की मदद से किशोर-किशोरियों को जानकारी दी जाएगी। माता-पिता को भी इस संबंध में जागरूक किया जाएगा, ताकि बढ़ते बच्चे नीम हकीम के फेर में न पड़ें।
किशोर-किशोरियों को यौन शिक्षा देगा यह ऐप
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव सी.के. मिश्रा ने कहा कि इस ऐप की मदद से किशोर-किशोरियों को मानसिक रूप से मजबूती मिलेगी। उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिससे किशोर-किशोरियां अनजान होते हैं और कई बार उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
किशोर-किशोरियों को यौन शिक्षा देगा यह ऐप
इस योजना के तहत 26 करोड़ किशोर-किशोरियों तक पहुंचने का लक्ष्य है। ऐसे बच्चे हेल्पलाइन नंबर 18002331250 पर कॉल करके भी इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का पहला ऐसा देश है जहां यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।
किशोर-किशोरियों को यौन शिक्षा देगा यह ऐप
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि अभी तक डेढ़ लाख से अधिक साथिया को प्रशिक्षण दिया जा चुका है जो बच्चों के बीच के ही होंगे। ताकि इन बच्चों के साथ किशोर-किशोरियों शरीर में आ रहे बदलाव के बारे में बताने से संकोच न करें। हर तिमाही गांव में एक बैठक होगी और राष्ट्रीय स्तर पर एक वर्ष बाद कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी।