कॉलमिस्ट शीला भट्ट ने आज सुबह दिल्ली एयरपोर्ट का एक वीडियो ट्वीट किया। इसमें यात्रियों की भारी भीड़ दिख रही थी। शीला ने लिखा 'टर्मिनल-3 के प्रस्थान क्षेत्र में आपका स्वागत है। सिक्योरिटी चेक-इन के लिए चार लंबी लाइनें लगी हुई हैं और हर लाइन में 200 से अधिक लोग हैं। पूरी तरह से अराजकता का माहौल है।' उन्होंने आगे केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए पूछा कि ये रेलवे स्टेशन है या एयरपोर्ट?
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इसी तरह दिशा नाम की एक युवती ने मुंबई एयरपोर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। सोशल मीडिया पर इस वक्त आपको ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें मिल जाएंगी। इनमें अलग-अलग भारतीय एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए भारी भीड़ और देरी की शिकायत की जा रही है।
उधर, लगातार एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ और अन्य वरिष्ठ अफसरों को समन भेजा है। इन्हें 15 दिसंबर तक कमेटी के सामने पेश होने का आदेश दिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि देश के तमाम बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी है? ये सिलसिला कब से शुरू हुआ? कब तक ऐसी स्थिति रहेगी? आइए समझते हैं...
पहले इन आंकड़ों पर नजर डाल लीजिए
देश में अभी कुल 174 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट्स और वॉटरड्रोम्स हैं। जहां, अलग-अलग तरह की फ्लाइट्स और हेलीकॉप्टर की आवाजाही होती है। इनमें ज्यादातर एयरपोटर्स हैं, जहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स उड़ाने भरती हैं। कोरोना के चलते मार्च 2020 से इस साल मार्च तक फ्लाइट्स की संख्या में काफी कमी देखी गई थी। हालांकि, धीरे-धीरे इसमें बढ़ोतरी शुरू हुई।
आंकड़े देखें तो इस साल पिछले महीने 25 नवंबर तक इन एयरपोर्ट्स पर हर रोज दो से साढ़े तीन लाख घरेलू यात्री उड़ाने भरते थे। जबकि करीब एक से दो लाख अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भरी जाती थीं। लेकिन इसके बाद इसमें काफी तेजी आई। 27 नवंबर को केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विट कर जानकारी दी की साल 2022 में दूसरी बार 26 नवंबर को घरेलू यात्रियों की संख्या चार लाख से अधिक पहुंची है।
इसके बाद 27 और 28 नवंबर को भी घरेलू यात्रियों की संख्या चार लाख से अधिक रही। वहीं, ओवरऑल यात्रियों की संख्या करीब आठ लाख रही। दो दिसंबर से अब तक हर रोज घरेलू यात्रियों की संख्या चार से साढ़े लाख लाख तक रही है। ये लगातार बढ़ रही है।
कब-कब कितने यात्रियों ने भरी उड़ान?
| तारीख |
घरेलू यात्री |
ओवरऑल यात्री |
फ्लाइट्स मूवमेंट |
| 26 नवंबर |
405,963 |
810,461 |
5,519 |
| 27 नवंबर |
409,831 |
816,682 |
5,483 |
| 28 नवंबर |
401,128 |
797,912 |
5,524 |
| 29 नवंबर |
391,014 |
780,102 |
5,549 |
| 30 नवंबर |
396,935 |
792,700 |
5,490 |
| 01 दिसंबर |
396,928 |
772,876 |
5,616 |
| 02 दिसंबर |
405,737 |
807,736 |
5,585 |
| 03 दिसंबर |
404,816 |
805,934 |
5,575 |
| 04 दिसंबर |
406,780 |
807,587 |
5,531 |
| 05 दिसंबर |
413,716 |
819,192 |
5,587 |
| 06 दिसंबर |
403,302 |
806,254 |
5,599 |
| 07 दिसंबर |
410,321 |
820,651 |
5,557 |
| 08 दिसंबर |
412,577 |
823,897 |
5,662 |
| 09 दिसंबर |
410,768 |
825,785 |
5,673 |
| 10 दिसंबर |
414,114 |
827,429 |
5,586 |
| 11 दिसंबर |
427,517 |
845,912 |
5,641 |
क्यों अचानक से बढ़ गए घरेलू यात्री?
इसे समझने के लिए हमने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रिटायर्ड ऑफिसर पी. एस सावंत से बात की। उन्होंने कहा, 'कोरोनाकाल में पूरी दुनिया के अंदर एक ठहराव की स्थिति थी। केवल वही लोग यात्रा कर रहे थे, जिन्हें बहुत जरूरी था। अब धीरे-धीरे हालात बदल रहे हैं। मौजूदा समय घरेलू यात्रियों के बढ़ने के दो बड़े कारण हैं।'
1. टूरिज्म में हुआ इजाफा: साल का अंतिम महीना चल रहा है। ऐसे में ज्यादातर लोग छुट्टियों में घूमने जाते हैं। इसके चलते एयरपोर्ट्स पर यात्रियों का फुटफॉल बढ़ गया है। घरेलू उड़ानों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसे एयरपोर्ट्स पर देखने को मिलता है। क्योंकि ये देश के बड़े एयरपोर्ट्स हैं और यहां से हर क्षेत्र के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भरी जाती हैं। इसके अलावा इन एयरपोर्ट्स के नजदीक ही कई हिल स्टेशन हैं। अब यात्री किराया में भी काफी कमी आने लगी है।