आपने रॉ, आईएसआई, एमआई-6, सीआईए जैसी कई खुफिया एजेंसियों के बारे में सुना होगा। शायद आपको पता भी हो कि ये किन देशों की खुफिया एजेंसियां हैं। लेकिन क्या आपने कभी चीन के खुफिया तंत्र या खुफिया एजेंसी के बारे में कुछ सुना है। आज हम आपको बताएंगे चीन के खुफिया विभाग के बारे में। बता दें कि चीन बाकि देशों के मुकाबले अपने खुफिया तंत्र का जिक्र काफी कम करता है। यहां तक कि ज्यादातर लोगों को वहां के खुफिया विभाग के प्रमुख तक की जानकारी नहीं होती। आइए आपको बताते हैं चीन के खुफिया विभाग के बारे में...
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क्या आपने चीन की खुफिया एजेंसी के बारे में सुना है? अगर नहीं तो यहां जानिए सबकुछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 20 Jun 2020 03:54 PM IST
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चीन का झंडा
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क्या है एमएसएस?
- हर देश की तरह चीन का भी खुफिया विभाग है। चीन के सुरक्षा विभाग को राज्य सुरक्षा मंत्रालय (MSS) कहा जाता है। यह विभाग साल 1983 में स्थापित किया गया था। विभाग काउंटर-इंटेलिजेंस, विदेशी इंटेलिजेंस के साथ-साथ घरेलू और विदेशी धरती पर खुफिया तंत्र द्वारा जानकारी जुटाने, निगरानी रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
- ये एजेंसी चीन के लिए सीआइए और एफबीआई दोनों ही एजेंसियों के काम करती हैं। एमएसएस, चीन के कैबिनेट के तहत अन्य मंत्रालयों की तरह काम करता है। एमएसएस के पास पूरे चीन में प्रांतीय और नगर पालिका शाखाओं का विशाल नेटवर्क है।
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कौन है एमएसएस प्रमुख?
- इस समय शेन वेन्किंग एमएसएस प्रमुख हैं। शेन ने सिचुआन, अपने गृह प्रांत में सेना सुरक्षा बलों में दो दशक तक सेवाएं दी हैं। साल 2015 में जासूसी एजेंसी में शामिल होने से पहले शेन कम्युनिस्ट पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी विंग के उप-प्रमुख थे। इसी के साथ उन्होंने दो सालों तक पार्टी के आंतरिक मामलों पर भी निगरानी रखी।
- एजेंसी अपनी किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं करती है। जासूसी एजेंसी के उप-मंत्रियों के नामों का खुलासा कभी नहीं किया जाता। इसमें मा जियान कुछ अपवादों में से एक हैं, जो हाई प्रोफाइल भगोड़े गुओ वेंगुई के साथ अपने संबंधों को लेकर काफी बदनाम हुए थे। गुओ वेंगुई अब चीन से भागकर अमेरिका में रह रहा है।
- एक अन्य उप प्रमुख जिनका नाम उजागर हुआ है वो हैं किउ जिन। किउ जिन की पहचान तब सामने आई, जब वे तत्कालीन चोंग्किंग पुलिस प्रमुख वांग लिजुन के साथ बीजिंग गए। वांग ने 2012 की शुरुआत में ही अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, चेंगदू में शरण ले ली थी। क्योंकि चोंगकिंग पार्टी के प्रमुख बो जिलाई के साथ उनके रिश्ते में खटास आ गई थी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है एमएसएस की शक्तियां?
- साल 2017 में लागू किए गए राष्ट्रीय खुफिया कानून के तहत, एमएसएस के पास अन्य खुफिया तंत्रों के साथ-साथ देश और विदश दोनों जगहों पर जासूसी गतिविधियां संचालन करने की अनुमति हैं।
- एमएसएस के पास किसी भी विदेशी या घरेलू व्यक्ति या संस्थानों पर निगरानी और जांच करने की व्यापक शक्तियां हैं।
- एमएसएस किसी भी व्यक्ति या संस्थान को खुफिया गतिविधियों में शामिल होने के लिए भी आदेश दे सकता है।
- एमएसएस किसी भी ऐसे व्यक्ति को 15 दिनों तक प्रशासनिक हिरासत में ले सकती है जो किसी भी प्रकार से खुफिया तंत्र के काम या जानकारी को बाधित करता है।
- चीन के आपराधिक प्रक्रिया कानून के अंतर्गत, एमएसएस और नियमित पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों के लिए लोगों को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने के लिए एकसमान अधिकार हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
राष्ट्र सुरक्षा के मुख्य मामले
- एमएसएस ने दो कनाडा के नागरिकों- पूर्व राजनायिक माइकल कोवर्ग और व्यवसायी माइकल स्पावर्स दोनों को कथित तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता कर हिरासत में लिया था। बता दें चीन में राष्ट्र सुरक्षा के अपराध को बहुत व्यापक रूप से परिभाषित किया गया है। चीन में राष्ट्रद्रोह के आरोप का उपयोग ज्यादातर विपक्षी राजनेताओं और मानवाधिकार अधिवक्ताओं को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।
- साल 2018 में शेंग होंग, निदेशक, यूनीरूल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स को देश छोड़ने से इस आधार पर रोक दिया गया कि वो राष्ट्र सुरक्षा में खतरा डाल रहे हैं। जबकि शेंग होंग हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए जाना चाहते थे।
- साल 2016 में एक स्वीडिश एनजीओ की कार्यकर्ता पीटर डाहलिन को एमएसएस ने राष्ट्रद्रोह के आरोप में तीन सप्ताह से अधिक समय तक हिरासत में रखा था। बाद में उन्हें राष्ट्रीय चैनल पर अपराध स्वीकार कर माफी मांगने के बाद निर्वासित कर दिया गया था।