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असदुद्दीन ओवैसी: बयानों से बवंडर लाने वाला वो नेता जिसकी सियासी विरासत 80 साल पुरानी है

Thu, 04 Apr 2019 07:27 PM IST
अमित मंडल चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Thu, 04 Apr 2019 07:27 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019: Political career of Asduddin owaisi
असदुद्दीन ओवैसी के सियासी सफर पर नजर - फोटो : Amar Ujala
लोकसभा चुनाव 2019 के घमासान के बीच बयानबाजियों का दौर चरम पर पहुंच गया है। नेताओं के बयान सियासी माहौल को और गर्म कर रहे हैं। भारतीय राजनीति में कुछ ऐसे नेता हैं जो विवादास्पद और भड़काऊ बयान देने के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इनके बयानों से सियासत में एक नई बहस छिड़ जाती है। ऐसे ही एक नेता हैं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी जो चर्चित ही विवादों भरे बयानों को लेकर हैं। आज हम आपको बता रहे हैं ओवैसी का सियासी इतिहास और उनकी पार्टी के उदय और लोकप्रियता की कहानी। 

 
Lok Sabha Elections 2019: Political career of Asduddin owaisi
असदुद्दीन ओवैसी (File photo)

तीन बार से सांसद 

असदुद्दीन ओवैसी का जन्म 13 मई 1969 को हुआ था। सियासत उन्हें पिता से विरासत में मिली और आज इसे अपने अंदाज में आगे भी बढ़ा रहे हैं। उनकी कोशिश हैदराबाद से बाहर निकलकर दूसरे राज्यों में पैर फैलाने की है। वह लगातार तीन बार से हैदराबाद के सांसद हैं। 
 
Lok Sabha Elections 2019: Political career of Asduddin owaisi
असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : Facebook

1994 में राजनीति में उतरे 

ओवैसी ने अपने राजनीति की शुरुआत 1994 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरकर की। उन्होंने हैदराबाद के चारमीनार से मजलिस बचाओ तहरीक के उम्मीदवार को 40 हजार वोटों से हराकर चुनाव जीता। ये सीट एमआईएम के पास 1967 से ही थी। फिर 1999 चुनाव में तेलुगु देशम पार्टी के सैयद शाह नुरुल हक कादरी को 93 हजार वोटों से हराया। 2004 चुनाव में उन्होंने पिता की जगह हैदराबाद से लोकसभा चुनाव जीता।   
 
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Lok Sabha Elections 2019: Political career of Asduddin owaisi
असदुद्दीन ओवैसी

एआईएमआईएम 80 साल पुराना संगठन

एआईएमआईएम करीब 80 साल पुराना संगठन है जिसकी शुरुआत एक धार्मिक और सामाजिक संस्था के रूप में हुई थी। लेकिन बाद में यह एक राजनीतिक पार्टी में तब्दील हो गई जो हैदराबाद में एक बड़ी ताकत बन चुकी है। हालांकि इस संगठन पर 1957 में बैन भी लगा था। हैदराबाद की सियासत पर चर्चा उनका और उनकी पार्टी का जिक्र किए बिना नहीं हो सकता। हैदराबाद की लोकसभा सीट पर एमआईएम का कब्जा 1984 से ही रहा है। हैदराबाद के मेयर भी इसी पार्टी के हैं।
 
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Lok Sabha Elections 2019: Political career of Asduddin owaisi
असदुद्दीन ओवैसी

हैदराबाद में जबरदस्त प्रभाव 

करीब पांच दशकों में इस पार्टी का प्रभाव हैदराबाद में जबरदस्त तरीके से बढ़ा है। तेलंगाना विधानसभा में उसके सात विधायक हैं और विधान परिषद में दो सदस्य। मजलिस को एक मुस्लिम सियासी संगठन के तौर पर देखा जाता है और हैदराबाद के मुसलमान इस पार्टी का जबरदस्त समर्थन करते हैं। आज हैदराबाद में एमआईएम एक बड़ी ताकत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ओवैसी परिवार अक्सर विवादों में भी रहा है। समुदाय के भीतर से ही परिवार के खिलाफ आवाजें उठीं, लेकिन इसकी ताकत बरकरार रही। इस परिवार के हाथ में पार्टी की कमान 1957 में पाबंदी हटने के बाद आई थी।
 
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