{"_id":"62b1749c011a1a07006646a9","slug":"maharashtra-political-crisis-who-is-eknath-shinde-know-about-mlas-who-joins-him-to-visit-gujarat-news-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Maharashtra : कौन हैं एकनाथ शिंदे जिनके साथ गुजरात पहुंचे तीन मंत्री समेत 26 बागी विधायक, यहां देखें पूरी सूची","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra : कौन हैं एकनाथ शिंदे जिनके साथ गुजरात पहुंचे तीन मंत्री समेत 26 बागी विधायक, यहां देखें पूरी सूची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 21 Jun 2022 01:31 PM IST
सार
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी पारा चढ़ा हुआ है। एमएलसी चुनाव का परिणाम आते ही शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार को समर्थन देने वाले करीब दो दर्जन विधायक अचानक गायब हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी विधायक महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और पुराने शिवसैनिक एकनाथ शिंदे के साथ गुजरात पहुंचे हैं। यहां सूरत में उन्हें हाई सिक्योरिटी के बीच रखा गया है।
विज्ञापन
एकनाथ शिंदे
- फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी पारा चढ़ा हुआ है। एमएलसी चुनाव का परिणाम आते ही शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार को समर्थन देने वाले करीब दो दर्जन विधायक अचानक गायब हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी विधायक महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और पुराने शिवसैनिक एकनाथ शिंदे के साथ गुजरात पहुंचे हैं। यहां सूरत में उन्हें हाई सिक्योरिटी के बीच रखा गया है।
Trending Videos
महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत।
- फोटो : अमर उजाला
पहले जान लीजिए एमएलसी चुनाव में क्या हुआ?
सोमवार को एमएलसी की 10 सीटों पर चुनाव हुए। इसके लिए 11 उम्मीदवार मैदान में थे। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) यानी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन ने छह उम्मीदवार उतारे थे तो भाजपा ने पांच। खास बात ये है कि शिवसेना गठबंधन के पास सभी छह उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन वह एक सीट हार गई। इन पांच में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली और एनसीपी-शिवसेना के खाते में दो-दो सीटें आईं।
वहीं, भाजपा के पास केवल चार सीटें जीतने भर की संख्या बल थी, लेकिन पांचवीं सीट भी निकालने में पार्टी सफल रही। ऐसे में साफ है कि एमएलसी चुनाव में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई है। इसके साथ ही निर्दलीयों ने भी भाजपा को समर्थन दिया है।
हर उम्मीदवार को जीत के लिए 27 वोट की जरूरत थी। कांग्रेस के दलित चेहरे और पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे चुनाव हार गए। प्रिफरेंशियल वोट्स की गिनती के बाद लाड और जगताप को निर्वाचित घोषित कर दिया गया, जबकि हंडोरे हार गए।
सोमवार को एमएलसी की 10 सीटों पर चुनाव हुए। इसके लिए 11 उम्मीदवार मैदान में थे। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) यानी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन ने छह उम्मीदवार उतारे थे तो भाजपा ने पांच। खास बात ये है कि शिवसेना गठबंधन के पास सभी छह उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन वह एक सीट हार गई। इन पांच में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली और एनसीपी-शिवसेना के खाते में दो-दो सीटें आईं।
वहीं, भाजपा के पास केवल चार सीटें जीतने भर की संख्या बल थी, लेकिन पांचवीं सीट भी निकालने में पार्टी सफल रही। ऐसे में साफ है कि एमएलसी चुनाव में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई है। इसके साथ ही निर्दलीयों ने भी भाजपा को समर्थन दिया है।
हर उम्मीदवार को जीत के लिए 27 वोट की जरूरत थी। कांग्रेस के दलित चेहरे और पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे चुनाव हार गए। प्रिफरेंशियल वोट्स की गिनती के बाद लाड और जगताप को निर्वाचित घोषित कर दिया गया, जबकि हंडोरे हार गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्धव सरकार पर संकट
- फोटो : अमर उजाला
फिर क्या हुआ?
परिणाम आने के बाद ये साफ हो गया कि एमएलसी चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई। यह भी कहा जा रहा है कि ये सारे विधायक उद्धव सरकार से नाखुश थे। यही कारण है कि इन सभी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे का साथ दिया और शिवसेना गठबंधन को झटका दे दिया। ये सभी गुजरात पहुंच गए हैं। एकनाथ शिंदे के साथ जो विधायक गुजरात गए हैं, उनमें दो महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भी हैं। एक निर्दलीय विधायक का नाम भी सामने आ रहा है।
परिणाम आने के बाद ये साफ हो गया कि एमएलसी चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई। यह भी कहा जा रहा है कि ये सारे विधायक उद्धव सरकार से नाखुश थे। यही कारण है कि इन सभी ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे का साथ दिया और शिवसेना गठबंधन को झटका दे दिया। ये सभी गुजरात पहुंच गए हैं। एकनाथ शिंदे के साथ जो विधायक गुजरात गए हैं, उनमें दो महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भी हैं। एक निर्दलीय विधायक का नाम भी सामने आ रहा है।
उद्धव ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला
कौन से विधायक हो गए बागी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के साथ बागी रूख अख्तियार करने वालों में तानाजी सावंत, बालाजी कल्याणकर, प्रकाश आनंदराव आबिटकर, अब्दुल सत्तार, संजय पांडुरंगा, श्रीनिवास वनगा, महेश शिंदे, संजय रायमुलकर, विश्वनाथ भोएर, संदीपन राव भूमरे, शांताराम मोरे, रमेश बोरनारे, अनिल बाबर, चिंमणराव पाटिल, शंभूराज देसाई, महेंद्र दलवी, शाहाजी पाटिल, प्रदीप जैस्वाल, महेंद्र थोरवे, किशोर पाटिल, ज्ञानराज चौगुले, बालाजी किणीकर, भरतशेत गोगावले, संजय गायकवाड, सुहास कांदे शामिल हैं। इनमें अब्दुल सत्तार और शंभूराज देसाई मंत्री हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे भी विधायकों के साथ गुजरात पहुंचे हैं। श्रीकांत शिवसेना से सांसद हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के साथ बागी रूख अख्तियार करने वालों में तानाजी सावंत, बालाजी कल्याणकर, प्रकाश आनंदराव आबिटकर, अब्दुल सत्तार, संजय पांडुरंगा, श्रीनिवास वनगा, महेश शिंदे, संजय रायमुलकर, विश्वनाथ भोएर, संदीपन राव भूमरे, शांताराम मोरे, रमेश बोरनारे, अनिल बाबर, चिंमणराव पाटिल, शंभूराज देसाई, महेंद्र दलवी, शाहाजी पाटिल, प्रदीप जैस्वाल, महेंद्र थोरवे, किशोर पाटिल, ज्ञानराज चौगुले, बालाजी किणीकर, भरतशेत गोगावले, संजय गायकवाड, सुहास कांदे शामिल हैं। इनमें अब्दुल सत्तार और शंभूराज देसाई मंत्री हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे भी विधायकों के साथ गुजरात पहुंचे हैं। श्रीकांत शिवसेना से सांसद हैं।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे
- फोटो : अमर उजाला
शिवसेना को झटका देने वाले एकनाथ शिंदे कौन हैं?
एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को हुआ था और वर्तमान महाराष्ट्र सरकार के नगरविकास मंत्री हैं। एकनाथ शिंदे शुरू से ही शिवसेना से जुड़े रहे। पिछली बार हुए चुनाव में उन्होंने ठाणे की पछपाखडी विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। वह लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं। सबसे पहले 2004, फिर 2009, 2014 और 2019 में विधायक चुने गए। एकनाथ शिंदे को सीएम उद्धव ठाकरे का करीबी माना जाता था। 2019 में शिवसेना की तरफ से शिंदे मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे थे। हालांकि, उद्धव ठाकरे का नाम सामने आने के बाद वह बैकफुट पर आ गए थे।
एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को हुआ था और वर्तमान महाराष्ट्र सरकार के नगरविकास मंत्री हैं। एकनाथ शिंदे शुरू से ही शिवसेना से जुड़े रहे। पिछली बार हुए चुनाव में उन्होंने ठाणे की पछपाखडी विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। वह लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं। सबसे पहले 2004, फिर 2009, 2014 और 2019 में विधायक चुने गए। एकनाथ शिंदे को सीएम उद्धव ठाकरे का करीबी माना जाता था। 2019 में शिवसेना की तरफ से शिंदे मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे थे। हालांकि, उद्धव ठाकरे का नाम सामने आने के बाद वह बैकफुट पर आ गए थे।