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Mumbai: मुंबई का आजाद मैदान बना मराठा आंदोलन का डेरा, सड़कों पर नहाना-खाना और नाच-गाना कर रहे प्रदर्शनकारी
Sat, 30 Aug 2025 10:43 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 30 Aug 2025 10:43 PM IST
सार
मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण आंदोलन तेज हो गया है। मनोज जरांगे के अनशन के दूसरे दिन हजारों प्रदर्शनकारियों ने इलाके को कैंप बना लिया। सड़क पर नहाना, खाना बनाना और नारेबाजी करते हुए लोग आरक्षण की मांग पर अड़े हैं।
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मुंबई के आजाद मैदान में खाना बनाते हुए प्रदर्शनकारी।
- फोटो : PTI
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मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। कोटा कार्यकर्ता मनोज जरांगे के अनशन के दूसरे दिन हजारों मराठा प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक इलाके को ही अपना कैंप बना लिया। यहां सड़कें जाम हो गईं और प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर लोगों ने नहाना, खाना बनाना और पारंपरिक नाच-गाने के जरिए अपना डेरा जमा लिया।
मुंबई के आजाद मैदान में खाना बनाते हुए प्रदर्शनकारी।
- फोटो : PTI
नारेबाजी और सांस्कृतिक रंग
हर थोड़ी देर में भगवा पटका पहने प्रदर्शनकारी नारे लगाते रहे। कई युवा सड़क पर ‘हलगी’ की थाप पर नाचते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारी जहांगीर आर्ट गैलरी और गेटवे ऑफ इंडिया जैसे स्थलों तक पहुंचे और वहां भी नारेबाजी की। क्षेत्र की कई दुकानों और रेस्टोरेंट में भीड़ बढ़ गई।
ये भी पढ़ें- सियासी विरोध क्यों बदला गाली-गलौज में? विश्लेषकों ने बताया इसके लिए कौन कितना जिम्मेदार
अव्यवस्था और पुलिस की चिंता
नवी मुंबई में भी हजारों वाहनों में आए प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा रहा। बीड से आए प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक जोड़े को परेशान किया, जिसके बाद जोड़ा तुरंत वहां से निकल गया। सीएसएमटी के बाहर लोगों ने बीएमसी पर आश्रय, पानी और शौचालय की व्यवस्था न करने का आरोप लगाया। हालांकि मनोज जरांगे ने माइक्रोफोन से अपील कर प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को करीब 45,000 लोग दक्षिण मुंबई पहुंचे, जिनमें से 30,000 ने वहीं रात गुजारी।
मराठवाड़ा से भारी संख्या में जुटे लोग
प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या मराठवाड़ा के आठ जिलों से आई। पुलिस के अनुसार, करीब 8,000 वाहनों में लोग मुंबई पहुंचे। आंदोलन की यह लहर महाराष्ट्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जरांगे ने साफ किया है कि आरक्षण मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी मैदान नहीं छोड़ेंगे।
हर थोड़ी देर में भगवा पटका पहने प्रदर्शनकारी नारे लगाते रहे। कई युवा सड़क पर ‘हलगी’ की थाप पर नाचते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारी जहांगीर आर्ट गैलरी और गेटवे ऑफ इंडिया जैसे स्थलों तक पहुंचे और वहां भी नारेबाजी की। क्षेत्र की कई दुकानों और रेस्टोरेंट में भीड़ बढ़ गई।
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अव्यवस्था और पुलिस की चिंता
नवी मुंबई में भी हजारों वाहनों में आए प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा रहा। बीड से आए प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक जोड़े को परेशान किया, जिसके बाद जोड़ा तुरंत वहां से निकल गया। सीएसएमटी के बाहर लोगों ने बीएमसी पर आश्रय, पानी और शौचालय की व्यवस्था न करने का आरोप लगाया। हालांकि मनोज जरांगे ने माइक्रोफोन से अपील कर प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को करीब 45,000 लोग दक्षिण मुंबई पहुंचे, जिनमें से 30,000 ने वहीं रात गुजारी।
मराठवाड़ा से भारी संख्या में जुटे लोग
प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या मराठवाड़ा के आठ जिलों से आई। पुलिस के अनुसार, करीब 8,000 वाहनों में लोग मुंबई पहुंचे। आंदोलन की यह लहर महाराष्ट्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जरांगे ने साफ किया है कि आरक्षण मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी मैदान नहीं छोड़ेंगे।