एमबीबीएस, बीडीएस के लिए होने वाली परीक्षा नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) और विश्वविद्यालयों में दाखिले होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) से जुड़ी खबर है। 'अमर उजाला' ने बाढ़ में फंसे छात्रों की समस्या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के डायरेक्टर जनरल डॉ. विनीत जोशी के सामने रखी। डॉ. जोशी ने छात्रों की समस्या को स्वाभाविक बताते हुए परेशान न होने की सलाह दी है।
आगे जानिए डीजी ने क्या-क्या कहा?
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पहले जानिए क्यों परेशान हैं छात्र?
दरअसल 17 जुलाई को नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) होना है। इसके पहले 15 जुलाई से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) का आयोजन भी शुरू हो जाएगा। CUET एग्जाम के लिए देश के 554 शहरों और NEET-UG के लिए 546 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परेशानी का सबब ये है कि देश के 12 से ज्यादा राज्यों में बाढ़ की स्थिति है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, समेत कई राज्यों की स्थिति ज्यादा खराब है। अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में NEET और CUET के परीक्षार्थी इस बात के लिए परेशान हैं कि वह बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैसे परीक्षा देंगे। अब इन परीक्षाओं को कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने साफ कर दिया है कि ऐसे छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
एनटीए के डीजी ने क्या-क्या कहा?
'अमर उजाला' ने बाढ़ से प्रभावित छात्रों की समस्याओं को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के डायरेक्टर जनरल डॉ. विनीत जोशी के सामने रखा। इस पर उन्होंने कहा, 'बाढ़ के हालात में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में सबसे पहले छात्रों को अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए। वह अच्छे से पढ़ाई जारी रखें। बाढ़ को लेकर परेशान न हों। अपने यहां जिला प्रशासन की सूचनाओं को सुनें। जहां-जहां बाढ़ के हालात हैं, वहां के जिला प्रशासन से हम रिपोर्ट मंगवाएंगे। उसी रिपोर्ट के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा। अगर बाढ़ के चलते छात्र परीक्षा नहीं दे पाता है तो उसके लिए बाद में अलग इंतजाम कराया जाएगा।'
डीजी के बयान से दो बातें साफ हुईं
1. परीक्षा नहीं टलेगी : लंबे समय से छात्र नीट यूजी परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के डीजी के बयान से यह साफ है कि परीक्षा तय तारीख और तय समय पर आयोजित होगी।
2. बाढ़ प्रभावित इलाकों के छात्रों को राहत : जो छात्र बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हैं, उन्हें जरूर एनटीए की तरफ से राहत दी जाएगी। हालांकि, जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर ही इसको लेकर एनटीए कोई फैसला लेगा।
नीट में 18 लाख, सीयूईटी के लिए 14.9 लाख छात्रों का आवेदन
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए 15 जुलाई से होने जा रही कॉमन यूनिवर्सिटी एडमिशन टेस्ट (CUET UG 2022) के लिए कुल 14.9 लाख आवेदन हुए हैं। दो फेज में आयोजित होने जा रही इस परीक्षा के पहले चरण में 8 लाख 10 हजार कैंडिडेट्स शामिल हो रहे हैं। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा में 6 लाख 80 हजार उम्मीदवार हिस्सा लेंगे।
वहीं, नीट यूजी के लिए इस बार 18 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया है। यह पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में नीट के लिए छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।