साल 2024 कई मायनों में उठापटक वाला साल रहा। सियासी मैदान से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और हादसों तक पूरे साल कुछ न कुछ ऐसा होता रहा, जिसे लोग भौचक्के रह गए। लोकसभा चुनावों में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत हो या फिर हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार, लोगों के सिर पर सियासी मुकाबले का रोमांच सिर चढ़कर बोला। संसद में भी यह साल हंगामेदार रहा। सरकार ‘एक–देश, एक चुनाव’ और वक्फ बोर्ड विधेयक लेकर आई। हालांकि, इसे चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया।
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खेल जगत को देखें तो यह साल शानदार रहा। क्रिकेट में भारत ने टी20 विश्वकप जीता तो शतरंज ओलंपियाड में भारत की पुरुष और महिला टीम ने पहली बार एकसाथ स्वर्ण पदक जीते। अब लोगों को नए साल यानी 2025 से कई उम्मीदें हैं। लोगों के जहन में राजनीति, खेल और सरकार से लेकर कई सामाजिक मुद्दों से जुड़े सवाल होंगे, जिनके जवाब उन्हें आने वाले दिनों में मिल सकते हैं। आइए पढ़ते हैं…
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अब तक के चार मैचों में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली का बल्ला नहीं चला, जिससे इन दोनों स्टार बल्लेबाजों के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की खबरों ने रफ्तार पकड़ ली है। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने रोहित और कोहली के निशाजनक प्रदर्शन के बाद उनसे टेस्ट प्रारूप छोड़ने की अपील की है। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में शतक के साथ की थी। पर्थ टेस्ट में शतक के बावजूद कोहली के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है और उन्होंने सीरीज में अब तक 5, नाबाद 100, 7, 11, 3, 36 और 5 रन की पारियां खेली हैं। वहीं, रोहित ने पांच पारियों में सिर्फ 6.20 के औसत से 31 रन बनाए हैं और इस दौरान उन्होंने 3, 6, 10, 3 और 9 रन बनाए जो ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी विदेशी कप्तान का सबसे कम औसत है। ऐसे अब नए साल में ही इन दोनों दिग्गज क्रिकेटर्स के भविष्य का फैसला होगा।
इस साल दो अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। सबसे पहले दिल्ली में चुनावी बिगुल बजेगा। यहां अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सत्ता में है। पिछले कई साल से पार्टी ने यहां अपना दबदबा बना रखा है। भाजपा औ कांग्रेस यहां ‘आप’ को टक्कर देने की कोशिश करेंगे। इसके आएगा बिहार का सत्ता का संग्राम। यहां भाजपा–जदयू की गठबंधन की सरकार है। नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री है। पिछला रिकॉर्ड देखें तो नीतीश कुमार को लेकर कोई भी पहले से कुछ भी नहीं कह सकता। ऐसे में यहां विधानसभा चुनाव के दौरान रोमांचक लड़ाई देखने को मिल सकती है। नया साल हमें जिन दो सवालों के जवाब देगा, उनमें पहला कि क्या दिल्ली की जनता एक बार फिर केजरीवाल पर भरोसा जताएगी और दूसरा कि क्या बिहार में नीतीश कुमार की सत्ता बरकरार रहेगी या फिर महागठबंधन फिर खेला करने में कामयाब हो पाएगा?
'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था। सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे बड़े विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया। इसके बाद इसे चर्चा और समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। समिति को आगामी बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले 2019 में 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक देश एक चुनाव के अपने विचार को आगे बढ़ाया था। इसके अलावा सरकार वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को भी संसद में पारित कराने की कोशिश कर सकती है। यह बिल भी फिलहाल जेपीसी के पास है। ऐसे में अब लोगों के जहन में एक बड़ा सवाल यह है कि क्या इन विधेयकों को अमली जामा पहनाने के लिए सरकार एकराय बना पाएगी और क्या यह इस साल कानून का रूप ले पाएगा?
भारतीय जनता पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला भी 2025 में होगा। भाजपा को नए साल में जनवरी के अंत में नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। हाल ही में भाजपा नेता पीटी कुंजांग ने जानकारी दी कि 15 जनवरी तक राज्य और जिला अध्यक्षों के चुनाव पूरे होंगे। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी और जनवरी के अंत या फरवरी के पहले हफ्ते में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।
भाजपा की नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में दिसंबर 2024 के अंत में संगठन चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई थी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, सभी महासचिव, सभी प्रदेश अध्यक्ष और सभी प्रदेश महासचिवों के साथ-साथ संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के प्रमुख और सह प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक के बाद कुंजांग ने बताया कि बैठक में संगठन की चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।