दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को ओम प्रकाश चौटाला को आय से अधिक संपत्ति मामले में चार साल की सजा सुनाई। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला को चार साल कैद की सुजा सुनाई है। चौटाला पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने चौटाला की चार संपत्तियों को जब्त करने के भी निर्देश दिए हैं। सजा मिलने के बाद शनिवार को चौटाला तिहाड़ जेल लाए गए। यहीं उन्हें सजा पूरी करनी होगी।
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चौटाला ऐसे पहले नेता नहीं हैं, जिन्हें किसी मामले में दोषी ठहराया गया है। इसके पहले भी देश के कई दिग्गज नेताओं को अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। इन नेताओं पर रेप, भ्रष्टाचार, घोटाला से लेकर मर्डर और अपहरण तक के आरोप लगे हैं। हम आज आपको ऐसे ही देश के अलग-अलग नेताओं के बारे में बताएंगे।
1. लालू प्रसाद यादव: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के पांच अलग-अलग मामलों में दोषी करार दिए गए हैं। सभी मामलों में लालू को सजा मिल चुकी है। लालू अभी भी सजा काट रहे हैं। हालांकि, अभी वह जमानत पर बाहर चल रहे हैं। चारा घोटाले के अलावा लालू पर रेल मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के भी आरोप हैं।
2. बंगारू लक्ष्मण: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष और देश के रेल मंत्री रहे बंगारू लक्ष्मण भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए गए थे। दरअसल, एक स्टिंग ऑपरेशन में फर्जी रक्षा सौदे के लिए उन्हें एक लाख रुपए लेते हुए दिखाया गया था। 27 अप्रैल 2012 को सीबीआई की एक विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया। कोर्ट ने लक्ष्मण को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद बंगारू लक्ष्मण ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया था। लंबी बीमारी के बाद भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का एक मार्च 2014 को हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया।
3. महिपाल मदेरणा: राजस्थान के जल संसाधन मंत्री रहे महिपाल मदेरणा को हत्या और अपहरण के मामले में दोषी पाए गए थे। मामला जोधपुर के जलीवाड़ा गांव के एक उपकेंद्र में सहायक नर्स के पद पर तैनात भंवरी देवी से जुड़ा था। भंवरी देवी मंत्री महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान सिंह की करीबी मानी जाती थी। भंवरी चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उसकी एक सीडी वायरल हुई थी, जिसमें वह तीन दिन के अंदर सरकार गिराने की बात कहती हुई दिखाई दे रहीं थीं।
इसी के बाद से महिपाल, मलखान ने भंवरी से दूरियां बनानी शुरू कर दी थी। सितंबर 2011 में वह गायब हो गई थीं। उनके पति ने महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह समेत कई पर एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में जांच में सामने आया कि महिपाल, मलखान के साथ साजिश में उसका पति भी शामिल था। भंवरी की गर्दन कार की सीट में दबा दी गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में 17 आरोपी जेल गए थे। महिपाल 2011 से 2021 तक जेल में रहे। पिछले साल उन्हें जमानत मिली। कुछ महीने बाद उनका निधन हो गया।
4. सुखराम : पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में दूरसंचार मंत्री रहे सुखराम को भ्रष्टाचार के मामले में सजा हुई थी। सीबीआई ने 1996 में सुखराम के औपचारिक निवास से बैग और सूटकेस से 3.6 करोड़ रुपये बरामद किए थे। 2002 में दिल्ली कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने 18 नवंबर, 2011 को इस फैसले को कायम रखते हुए सुखराम को पांच साल की जेल की साज सुनाई। इसी महीने उनका निधन हो गया।