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सिर्फ 'मदर ऑफ ऑल बम' दुनिया का सबसे बड़ा बम नहीं, इसके जैसे 5 बम ओर भी हैं
amarujala.com- Submitted By: आनंद
Updated Fri, 14 Apr 2017 03:10 PM IST
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अमेरिका ने अफगानिस्तान में 'सबसे बड़ा बम' (Mother of all Bombs) गिराकर दुनिया को हैरानी में डाल दिया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि उन्होंने पहली बार अपना अब तक का सबसे बड़ा नॉन न्यूक्लियर बम गिराया है। GBU-43/B नाम के इस बम को 'मदर ऑफ ऑल बॉम' के नाम से जाना जाता है। इसे सबसे पहले 2003 में टेस्ट किया गया था लेकिन इसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ।
1. मदर ऑफ ऑल बॉम्ब (GBU-43/B)
यह 30 फुट (9 मीटर) लंबा और 9800 किलोग्राम वजनी होता है। यह जीपीएस से संचालित होता है। इसे एक MC-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन के कार्गो डोर से फेंका गया है। जमीन पर गिरते ही यह बम फटता है। एमओएबी एयरक्राफ्ट के जरिए एक पैलेट से गिराया जाता है।
गिराते वक़्त इसे पैराशूट से झटका दिया जाता है ताकि वह खिसक जाए। इसे फोर ग्रिड फिन से दिशानिर्देशित किया जाता है। इसका मुख्य असर भयावह धमाके के गुबार के रूप में होता है। यह हर दिशा में एक मील तक फैल जाता है। इसे 18,000 एलबी टीएनटी से बनाया गया है। बम में एल्यूमीनियम का पतला आवरण होता है।
गिराते वक़्त इसे पैराशूट से झटका दिया जाता है ताकि वह खिसक जाए। इसे फोर ग्रिड फिन से दिशानिर्देशित किया जाता है। इसका मुख्य असर भयावह धमाके के गुबार के रूप में होता है। यह हर दिशा में एक मील तक फैल जाता है। इसे 18,000 एलबी टीएनटी से बनाया गया है। बम में एल्यूमीनियम का पतला आवरण होता है।
2. बंकर-बस्टर (MOP)
ये अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है। ये खिताब जाता है मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर यानी एमओपी को जिसे बंकर-बस्टर भी कहा जाता है। इसका वजन 14000 किलोग्राम और लंबाई 20।5 फुट के करीब बताई जाती है।
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक ये दुनिया का सबसे बड़ा गैर-परमाणु हथियार है जिसे जमीन के भीतर की लोकेशन और बंकरों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ये बी-2 बॉम्बर से छोड़ा जाता है और सुपरसोनिक रफ्तार से जमीन से टकराता है। ये बम 200 फुट गहराई तक जा सकता है और 60 फुट कंक्रीट तोड़ सकता है।
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक ये दुनिया का सबसे बड़ा गैर-परमाणु हथियार है जिसे जमीन के भीतर की लोकेशन और बंकरों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ये बी-2 बॉम्बर से छोड़ा जाता है और सुपरसोनिक रफ्तार से जमीन से टकराता है। ये बम 200 फुट गहराई तक जा सकता है और 60 फुट कंक्रीट तोड़ सकता है।
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3. फादर ऑफ ऑल बॉम्ब (ATBIP)
विशालकाय और विनाशकारी बम बनाने में सिर्फ अमेरिका आगे नहीं है। रूस भी इस दौड़ में शामिल है। और उसका बनाया एविएशन थर्मोबैरिक बॉम ऑफ इंक्रीज्ड पावर (ATBIP) काफी कड़ा मुकाबला पेश करता है। इसे फादर ऑफ ऑल बॉम्ब यूं ही नहीं कहा जाता।
वॉर हिस्ट्री ऑनलाइन के मुताबिक रूसी जनरल स्टाफ के डिप्टी चीफ ने इस बम के बारे में कहा था, ''जो भी जीवित है, वो भाप बनकर उड़ जाएगा।'' एफओएबी एक तरह से फ्यूल-एयर बम है। तकनीकी रूप से इसे थर्मोबैरिक हथियार के रूप में जाना जाता है। इसका वजन 7100 किलोग्राम होता है और इसमें 40 टन टीएनटी इस्तेमाल होता है।
वॉर हिस्ट्री ऑनलाइन के मुताबिक रूसी जनरल स्टाफ के डिप्टी चीफ ने इस बम के बारे में कहा था, ''जो भी जीवित है, वो भाप बनकर उड़ जाएगा।'' एफओएबी एक तरह से फ्यूल-एयर बम है। तकनीकी रूप से इसे थर्मोबैरिक हथियार के रूप में जाना जाता है। इसका वजन 7100 किलोग्राम होता है और इसमें 40 टन टीएनटी इस्तेमाल होता है।
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4. जीबीयू-28 हार्ड टारगेट पेनेट्रेटर
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक इजरायल और दक्षिण कोरिया की वायु सेनाओं के पास 2300 किलोग्राम वजन वाले जीबीयू-28 बंकर बस्टर बम हैं जो उन्हें अमेरिका से मिले हैं। ये बम साल 1991 अमेरिकी वायु सेना ने इराकी बंकरों, सैन्य ठिकानों और सामरिक केंद्रों को बर्बाद करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। जीबीयू-28 पेववे III बम के वैरिएंट हैं, जो छह मीटर मोटी कंक्रीट में सुराख कर सकते हैं।