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Patra Chawl: घोटाले का शिकार हुए उन गरीबों की कहानी, जिन्हें फ्लैट का सपना दिखाकर बेघर कर दिया गया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 02 Aug 2022 05:44 PM IST
सार

शिवसेना सांसद संजय राउत और उनकी पत्नी पर पात्रा चॉल घोटाले में बड़े आरोप लगे हैं। संजय चार अगस्त तक ईडी की हिरासत में हैं।

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Patra Chawl: The story of the poor victims of the Patra Chawl scam
पात्रा चॉल - फोटो : अमर उजाला
पात्रा चॉल घोटाले में शिवसेना सांसद संजय राउत चार अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की हिरासत में रहेंगे। इस दौरान इस घोटाले को लेकर नए खुलासे हो सकते हैं। लेकिन आज हम संजय राउत की  बात नहीं करेंगे। संजय राउत तो सांसद हैं। करोड़ों की संपत्ति है उनके पास। कोर्ट में केस लड़ने के लिए दर्जनों वकील खड़े कर देंगे। लेकिन उन गरीबों का क्या जिन्हें फ्लैट का सपना दिखाकर बेघर कर दिया गया?


आज हम आपको उन गरीबों की कहानी बताएंगे। यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि दरअसल इस पात्रा चॉल घोटाले में असर नुकसान किसे हुआ है? 
 
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Patra Chawl: The story of the poor victims of the Patra Chawl scam
पात्रा चॉल - फोटो : अमर उजाला
सुनिए उन गरीबों की कहानी, जिन्हें सपना दिखाकर बेघर कर दिया गया
सबसे पहले पात्रा चॉल में रहने वाले संजय नाईक की कहानी सुनिए। एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए संजय कहते हैं, मेरे जैसे सैकड़ों लोगों को 'पुनर्विकास' का सपना दिखाया गया था। हमसे वादा किया गया था कि तीन साल के अंदर हमें फ्लैट मिल जाएगा। वादा यह भी था, कि जब तक हम लोग किराए के कमरे में रहेंगे तब तक सरकार की तरफ से हमें किराया दिया जाएगा। प्रोजेक्ट में देरी हुई और हमें वादा किया हुआ किराया भी मिलना बंद हो गया। किराया चुकाने के लिए हमें अपने सोने के गहने गिरवी रखने पड़े। 

 हर महीने 20 हजार रुपये किराए का दे रहे नाइक कहते हैं, ‘मैं अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ चॉल के पास ही किराये का कमरा लेकर रह रहा हूं।  2014-15 के बाद से घर का किराया भी नहीं मिल रहा है।’
 
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Patra Chawl: The story of the poor victims of the Patra Chawl scam
कई लोग अपने गांव लौट गए (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
कई झुग्गी लेकर रहने लगे, तो कई गांव लौट गए
फ्लैट का सपना दिखाकर नरेश से भी घर खाली करवाया गया था। नरेश आज भी किराए के कमरे में रहते हैं। नरेश कहते हैं, 'मुंबई में 1 BHK का किराया कम से कम 20 हजार रुपये है। जो लोग इतनी रकम नहीं दे पाए, वो यहां से घर खाली करने के बाद विरार, वसई, नालासोपारा, कल्याण, डोंबिविली और नवी मुंबई जैसे इलाकों में शिफ्ट हो गए हैं। 2014-15 से जब सरकार ने किराया देना बंद किया तो कुछ लोग मजबूरी में अपने गांव भी लौट गए। ज्यादातर ने अपनी उम्मीदें छोड़ दी हैं।'
 
Patra Chawl: The story of the poor victims of the Patra Chawl scam
कई लोगों की मौत हो चुकी है। (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
100 से ज्यादा लोग तो दम तोड़ चुके हैं 
एक और पीड़ित अभय कहते हैं, लोग अपने फ्लैट का सपना देखते देखते अब दम तोड़ने लगे हैं। 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। परिवारों को किराया मिले छह साल हो गए हैं। जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने तो उनसे हम लोगों ने आग्रह किया। उन्होंने फरवरी 2021 में काम दोबारा शुरू कराया। राज्य सरकार ने मार्च से किराया देने का वादा भी किया, लेकिन अब अगस्त 2022 आ गया। अब तक कुछ नहीं मिला। 

 
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Patra Chawl: The story of the poor victims of the Patra Chawl scam
पात्रा चॉल - फोटो : अमर उजाला
हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए
 पात्रा चॉल को-ऑपरेटिंग सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश दल्वी कहते हैं, 'हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। राजनीतिक दल अपनी राजनीति करें। हमें तो बस न्याय चाहिए। हमसे जो वादे किए गए थे, उसे सरकार को पूरा करना चाहिए। हम सभी ने पिछले 14 साल में काफी कुछ झेला है। अब और कुछ झेलने की हिम्मत नहीं है।’
 
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