कर्नाटक में मंगलुरु शहर के बाजपे पुलिस स्टेशन की सीमा के पास 1 मई की देर रात एक अज्ञात समूह ने कथित हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या कर दी। सुहास को हिंदू कार्यकर्ता बताया गया। इसे लेकर कर्नाटक में सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल भाजपा ने मामले की जांच की मांग की और इस मामले को एनआईए को सौंपने की भी अपील की, लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
Suhas Shetty Murder Case: हत्या के आरोपी की मौत पर बवाल क्यों; कब और कैसे हुई घटना, 'सुपारी' वाला एंगल क्या?
कर्नाटक के मंगलूरू में हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच कर्नाटक पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का आरोपी हिश्ट्रीशीटर सुहास शेट्टी को अज्ञात हमलावरों ने मार डाला था। हत्या के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने मंगलूरू में बंद का आह्वान भी किया था।
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पहले जानते हैं मामला क्या है, वारदात कब और कहां हुई...
मामला हत्या के मुख्य आरोपी सुहास शेट्टी की हत्या से जुड़ा है। मंगलूरू के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में 1 मई रात करीब 8:27 बजे सुहास एक गाड़ी (KA-12-MB-3731) में अपने पांच दोस्तों के साथ घूम रहा था। तभी एक स्विफ्ट कार और पिकअप ट्रक में सवार पांच-छह हमलावरों ने उसकी गाड़ी को रोका। उन्होंने सुहास को बाहर खींच लिया और उस पर धारदार हथियारों से हमला किया। उसे गंभीर हालत में एजे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुहास पर क्यों किया गया हमला, किस पर संदेह, अब तक क्या-क्या हुआ?
सुहास की हत्या के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। घटना से तटीय शहर में तनाव फैल गया। कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया। क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हालात को काबू में लाने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी। दरअसल, फाजिल की हत्या को व्यापक रूप से भाजपा युवा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद प्रतिशोध में की गई हत्या माना जाता है। सुहास शेट्टी इस मामले में मुख्य आरोपी था। अब सुहास की हत्या के तार फाजिल हत्याकांड से जुड़ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सुहास शेट्टी की हत्या कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर ने की थी। हत्यारों ने पीड़ित परिवार से पैसे लिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान मामले में गिरफ्तार किए गए दो लोगों ने दावा किया कि उन्हें मोहम्मद फाजिल के परिवार ने सुहास शेट्टी की हत्या के लिए पैसे दिए थे। उनमें से एक ने दावा किया कि उसे 3 लाख रुपये मिले और दूसरे ने दावा किया कि उसे 2 लाख रुपये दिए गए। पुलिस अब इन दावों की जांच कर रही है। इस सिलसिले में फाजिल के भाई समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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कौन था सुहास शेट्टी?
सुहास शेट्टी कथित तौर पर विभिन्न स्थानीय दक्षिणपंथी समूहों से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ कई पुलिस मामले भी दर्ज थे। भाजपा युवा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों में सुहास शेट्टी सबसे आगे रहा। इसके बाद मोहम्मद फाजिल की हत्या कर दी गई। इस घटना को प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बदले के तौर पर माना गया। सुहास इस वारदात का मुख्य आरोपी बताया गया।
अब उठा सबसे पेंचीदा सवाल
सवाल यह है कि क्या फाजिल की हत्या के बाद उसके परिवार को मुआवजे के तौर पर दी गई रकम का इस्तेमाल इस अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया। फाजिल की हत्या के बाद मुस्लिम सेंट्रल कमेटी ने उसके परिवार को 30 लाख रुपए देने का फैसला किया था। सत्ता में आई कांग्रेस ने परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा दिया था। शेट्टी की हत्या के बाद पुलिस ने मंगलुरु में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी और बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी थी।
अब जानिए मामले में हो रही सियासत के बारे में
'सुपारी' की अटकलों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्टों के बारे में जानकारी नहीं है, जिनमें कहा गया है कि मोहम्मद फाजिल के परिवार को दिए गए मुआवजे का इस्तेमाल कथित तौर पर सुहास शेट्टी की हत्या में शामिल कॉन्ट्रैक्ट किलर को पैसे देने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले पर गृह मंत्री परमेश्वर और दक्षिण कन्नड़ के जिला प्रभारी मंत्री दिनेश गुंडू राव से चर्चा करेंगे। सांप्रदायिक मुद्दों से निपटने के लिए टास्क फोर्स के गठन के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि परमेश्वर ने कहा है कि असामाजिक तत्वों की पहचान करने और उन्हें काबू करने के लिए पुलिस विंग की जरूरत है।
वहीं, कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता वी सुनील कुमार ने राज्य सरकार पर हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या की जांच को भटकाने के लिए चुनिंदा बैठकें करने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि दक्षिण कन्नड़ और उडुपी के तटीय जिलों के लिए प्रस्तावित सांप्रदायिक विरोधी टास्क फोर्स का उद्देश्य हिंसा को रोकना नहीं, बल्कि हिंदुत्व समर्थक आवाजों को दबाना है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मंगलूरू में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करने से पहले गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मुस्लिम समुदाय के नेताओं के साथ अलग से चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बैठक में कथित तौर पर कुछ नेताओं ने मेज पर हाथ मारा और सरकार को धमकियां दीं। उनके व्यवहार से पता चलता है कि वे अब प्रशासन पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं।
स्पीकर के बयान पर बवाल, भाजपा ने उठाए सवाल
कुमार ने स्पीकर यूटी खादर की हालिया टिप्पणियों की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर फाजिल के परिवार को क्लीन चिट दी थी। उन्होंने कहा, 'स्पीकर यूटी खादर ने फाजिल के परिवार का बचाव किया था, लेकिन अब पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल ने खुलासा किया है कि फाजिल के भाई ने सुहास शेट्टी की हत्या की साजिश रचने के लिए पांच लाख रुपये दिए थे। जनता को किस पर विश्वास करना चाहिए?' हालांकि, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की गई।
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