लड़की थी सिक्खनी और लड़का था हिंदू, लाल बहादुर शास्त्री अकादमी यानी आईएएस प्रशिक्षण के दौरान हुई पहली मुलाकात और हो गया पहली नजर में प्यार। योगेश कुमार और संदीप कौर दोनों ही उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। बड़ी दिलचस्प है कि इस आईएएस जोड़े की लव स्टोरी, मसूरी से उत्तर प्रदेश तक का सफर। अमर उजाला की खास बातचीत आईएएस जोड़े योगेश कुमार और संदीप कौर के साथ
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IAS की तैयारी में ना-ना करते दिल दे बैठा ये अफसर जोड़ा, शादी की कहानी पर विश्वास नहीं करेंगे आप
सार
मसूरी अकादमी में हुई पहली मुलाकात
पहली बार हो गए रिजेक्ट फिर बन गए लाइफ पार्टनर
आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
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Valentine's Day 2020 आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
- फोटो : Amar ujala
'अच्छी लड़की है संदीप, सौम्यता से पूर्ण'
Valentine's Day 2020 आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला- ऐसा कब लगा ये ही हैं 'राइट चॉइस' ?
योगेश कुमार (आईएएस)-हमारा तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स खत्म हुआ, तब तक मेरा यह विचार नहीं था कि मुझे संदीप से शादी करनी है। मगर जब आखिरी दिन था ट्रेनिंग का और सभी ट्रेनर्स अपनी संबंधित ट्रेनिंग अकादमी में जा रहे थे, आईपीएस हैदराबाद अकादमी, फॉरेस्ट सर्विस वाले देहरादून अकादमी और रेवेन्यू सर्विस वाले नागपुर। तब मुझे एहसास हुआ 'अच्छी लड़की है संदीप, सौम्यता से पूर्ण' ।
अमर उजाला- ऐसी कौन सी बात आपको अच्छी लगी और आपने क्या सोचा ?
योगेश कुमार (आईएएस)- 'भारत दर्शन' के लिए जाने का समय था, तीन महीने के फाउंडेशन कोर्स के बाद हमारा भारत दर्शन कार्यक्रम होता है,उससे पहले आखिरी दिन हमारा कनेक्टिव डिनर था जिसमें संदीप सामने बैठी हुई थी और मैं एक लाइफ पार्टनर की परिभाषा संदीप के चेहरे में पूरा होता हुआ देख रहा था। उस वक्त मुझे महसूस हुआ,'अगर मैं इनके साथ जीवन भर रहूंगा तो जिंदगी बहुत आसान और सहज चलेगी'
यह बहुत सादगी से भरपूर एक साधारण सी लड़की थीं, जो अकादमी में अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए समर्पित रहती थीं'।
उस दिन सोच लिया मेरी लाइफ पार्टनर तो संदीप कौर ही होंगी।
योगेश कुमार (आईएएस)-हमारा तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स खत्म हुआ, तब तक मेरा यह विचार नहीं था कि मुझे संदीप से शादी करनी है। मगर जब आखिरी दिन था ट्रेनिंग का और सभी ट्रेनर्स अपनी संबंधित ट्रेनिंग अकादमी में जा रहे थे, आईपीएस हैदराबाद अकादमी, फॉरेस्ट सर्विस वाले देहरादून अकादमी और रेवेन्यू सर्विस वाले नागपुर। तब मुझे एहसास हुआ 'अच्छी लड़की है संदीप, सौम्यता से पूर्ण' ।
अमर उजाला- ऐसी कौन सी बात आपको अच्छी लगी और आपने क्या सोचा ?
योगेश कुमार (आईएएस)- 'भारत दर्शन' के लिए जाने का समय था, तीन महीने के फाउंडेशन कोर्स के बाद हमारा भारत दर्शन कार्यक्रम होता है,उससे पहले आखिरी दिन हमारा कनेक्टिव डिनर था जिसमें संदीप सामने बैठी हुई थी और मैं एक लाइफ पार्टनर की परिभाषा संदीप के चेहरे में पूरा होता हुआ देख रहा था। उस वक्त मुझे महसूस हुआ,'अगर मैं इनके साथ जीवन भर रहूंगा तो जिंदगी बहुत आसान और सहज चलेगी'
यह बहुत सादगी से भरपूर एक साधारण सी लड़की थीं, जो अकादमी में अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए समर्पित रहती थीं'।
उस दिन सोच लिया मेरी लाइफ पार्टनर तो संदीप कौर ही होंगी।
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'उसके बाद एक दिन मैंने संदीप को जीवनसाथी की नजर से देखना शुरू किया'
Valentine's Day 2020 आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला- अपने पार्टनर में ऐसी कौन सी बात है जो देखनी चाहिए और आपने खुद देखी ?
योगेश कुमार (आईएएस)- उसके बाद एक दिन मैंने संदीप को जीवनसाथी की नजर से देखना शुरू किया, आचार-विचार, व्यवहार और जीवनशैली सबकुछ।
अमर उजाला- संदीप के एक जवाब ने आपको रिजेक्ट कर दिया था ?
योगेश कुमार (आईएएस)- मैंने एक दिन सोच लिया कि अब सही वक्त है इनको शादी के लिए प्रपोज करने का, और मैं इनके पास गया और शादी के लिए कहा,जवाब बड़ा निराश करने वाला मिला,
संदीप ने मुझसे कहा,'मैं सिख हूं और सिख से ही शादी करूंगी '। एक मजबूत इरादों वाला युवा था,'मैंने भी हिम्मत नहीं हारी'।
योगेश कुमार (आईएएस)- उसके बाद एक दिन मैंने संदीप को जीवनसाथी की नजर से देखना शुरू किया, आचार-विचार, व्यवहार और जीवनशैली सबकुछ।
- यह मैं हमेशा मानता हूं कि जिसको भी अपना जीवनसाथी चुनने का सोचें उसको सबसे पहले समझें।
- उसके साथ अपनी सहजता तलाशें,
- उसके व्यवहार को समझने का प्रयास करें और आप कहां उसमें सही हैं इस बात को भी जानें।
अमर उजाला- संदीप के एक जवाब ने आपको रिजेक्ट कर दिया था ?
योगेश कुमार (आईएएस)- मैंने एक दिन सोच लिया कि अब सही वक्त है इनको शादी के लिए प्रपोज करने का, और मैं इनके पास गया और शादी के लिए कहा,जवाब बड़ा निराश करने वाला मिला,
संदीप ने मुझसे कहा,'मैं सिख हूं और सिख से ही शादी करूंगी '। एक मजबूत इरादों वाला युवा था,'मैंने भी हिम्मत नहीं हारी'।
'मेरे सारे 'नेगेटिव पॉइंट्स' संदीप लेकर बैठी हुई थीं'
Valentine's Day 2020 आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला- कॉफी टेबल की वो मुलाकात आपके लिए दूसरा बड़ा इंटरव्यू था आईएएस के बाद ?
योगेश कुमार (आईएएस)- हम लोग दोस्त तो बन चुके थे और एक दूसरे को बेहतर समझने भी लगे थे, एक दिन अकादमी के प्रशिक्षण के बाद हम दोनों ने कॉफी पीने का प्लान बनाया। सच बात ये है मेरे मन में फिर से शादी के लिए प्रपोज करने का प्लान था मगर संदीप मेरे साथ सिर्फ कॉफी ही पीना कहती थीं। हुआ ये,उस दिन कॉफी की टेबल पर संदीप मेरे सामने बैठी थीं, मैंने फिर से अपनी बात रखी और मेरे सारे 'नेगेटिव पॉइंट्स' संदीप लेकर बैठी हुई थीं। एक- एक करके सारी बातें मेरे सामने रखी जाने लगी, लगा एक और आईएएस का इंटरव्यू हो रहा है।
अमर उजाला- फिर कैसे अपने शादी के लिए राजी कर लिया संदीप को, कोई मास्टर प्लान था आपका ?
योगेश कुमार (आईएएस)- मैंने संदीप को कहा, ठीक है अगर आपको कोई सिख लड़का मिल जाए जिसके साथ आप खुश रहें तो आप शादी कर लेना, मगर आपको अगर कोई सिख लड़का नहीं मिले तो 'आपको मुझसे शादी करनी होगी'।
मुझे विश्वास था कि मुझसे बेहतर इनको मिल ही नहीं सकता। मैंने संदीप को वक्त दिया सोचने के लिए।
अमर उजाला- शादी के लिए आपने खुद को कितना बदला, क्योंकि बहुत सारी आदतों पर संदीप को ऐतराज था?
योगेश कुमार (आईएएस)- बहुत कुछ बदला, नॉन-वेज खाना छोड़ दिया, करीब चार साल तक नहीं खाया और अपना ज्यादा से ज्यादा समय इनको देना शुरू कर दिया।
योगेश कुमार (आईएएस)- हम लोग दोस्त तो बन चुके थे और एक दूसरे को बेहतर समझने भी लगे थे, एक दिन अकादमी के प्रशिक्षण के बाद हम दोनों ने कॉफी पीने का प्लान बनाया। सच बात ये है मेरे मन में फिर से शादी के लिए प्रपोज करने का प्लान था मगर संदीप मेरे साथ सिर्फ कॉफी ही पीना कहती थीं। हुआ ये,उस दिन कॉफी की टेबल पर संदीप मेरे सामने बैठी थीं, मैंने फिर से अपनी बात रखी और मेरे सारे 'नेगेटिव पॉइंट्स' संदीप लेकर बैठी हुई थीं। एक- एक करके सारी बातें मेरे सामने रखी जाने लगी, लगा एक और आईएएस का इंटरव्यू हो रहा है।
अमर उजाला- फिर कैसे अपने शादी के लिए राजी कर लिया संदीप को, कोई मास्टर प्लान था आपका ?
योगेश कुमार (आईएएस)- मैंने संदीप को कहा, ठीक है अगर आपको कोई सिख लड़का मिल जाए जिसके साथ आप खुश रहें तो आप शादी कर लेना, मगर आपको अगर कोई सिख लड़का नहीं मिले तो 'आपको मुझसे शादी करनी होगी'।
मुझे विश्वास था कि मुझसे बेहतर इनको मिल ही नहीं सकता। मैंने संदीप को वक्त दिया सोचने के लिए।
अमर उजाला- शादी के लिए आपने खुद को कितना बदला, क्योंकि बहुत सारी आदतों पर संदीप को ऐतराज था?
योगेश कुमार (आईएएस)- बहुत कुछ बदला, नॉन-वेज खाना छोड़ दिया, करीब चार साल तक नहीं खाया और अपना ज्यादा से ज्यादा समय इनको देना शुरू कर दिया।
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'अच्छे जीवनसाथी सबसे पहले अच्छे दोस्त होते हैं।'
Valentine's Day 2020 आईएएस जोड़े की अनोखी लव स्टोरी
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला- प्यार के बाद शादी, कुछ बदला जीवन में?
योगेश कुमार (आईएएस)- हां, हम अक्सर एक गलतफहमी में रहते हैं कि दो लोग जो प्यार करते हैं, फिर जीवनसाथी बनते हैं वो एक जैसे होते हैं जबकि सच ये होता है कि हम एक दूसरे से विपरीत होते हैं ( अपोजिट अप्रोच ) । बस हमें एक दूसरे को समझना चाहिए। जैसे मैं और संदीप, यह देर से सोती हैं और देर से जागती हैं, मैं जल्दी सोता हूं और जल्दी जागता हूं । यह बहुत कम बोलती हैं और मैं बहुत ज्यादा। यह बहुत पूजा-पाठ करती हैं और मैं ना के बराबर।
अमर उजाला- आखिरकार आपने कैसे शादी के लिए मना लिया?
योगेश कुमार (आईएएस)- आप ही सोच कर देखिए अगर कोई पहले ही रिजेक्ट कर दे तो कितना मुश्किल होता है दोबारा हिम्मत करना, हुआ ये कि ट्रेनिंग के दौरान उनका पैर फ्रैक्चर हो गया, उस वक्त मैंने उनकी बहुत सेवा की ( एक अच्छे दोस्त की तरह ), ख्याल रखा और ट्रेनिंग में भी मदद की, तब उन्होंने मुझे एक दिन खुद हां कर दी। इस वाकए से मैंने सीखा अच्छे जीवनसाथी सबसे पहले अच्छे दोस्त होते हैं।
अमर उजाला- बाहर आप दोनों आईएएस अधिकारी हैं और घर में कैसे रहते हैं ?
योगेश कुमार (आईएएस)- घर में हम लोग अफसर नहीं होते हैं, जीवनसाथी होते हैं और इस बात को बखूबी समझते हैं कि हम अच्छे माता पिता की तरह जीवन जिए और अपने बच्चों की परवरिश करें। हम दोनों मिलकर अपने बेटे को पढ़ाते हैं, संदीप इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और मैं सोशल साइंस...दोनों मिलकर अपने बेटे को सिखाते हैं और एक दूसरे से भी सीखते हैं। संदीप, बाहर कलेक्टर साहब की भूमिका में होती हैं, सबको सुनती हैं।
अमर उजाला-क्या आप पर कभी नाराज होती हैं, फिर आप क्या करते हैं ?
योगेश कुमार (आईएएस)- बिलकुल होती हैं और मेरे पास एक ही विकल्प होता है, इनको मनाने का। मैं पूरी कोशिश करता हूं कि घर का माहौल बहुत अच्छा रहे क्योंकि हम दोनों के लिए बाहरी दुनिया में बहुत सारी चुनौतियां होती हैं। मैं मनाने के लिए उनके पसंदीदा गीत गाकर सुनाता हूं।
अमर उजाला-ऐसी कौन सी बात है जो आपकी पत्नी संदीप कौर को नहीं पसंद?
योगेश कुमार (आईएएस)- मेरे फोन का पासवर्ड। कभी कभी मेरा ज्यादा बोलना।
अमर उजाला-किसी भी लव स्टोरी की सफलता क्या हैं?
योगेश कुमार (आईएएस)- एक दूसरे के साथ 10 साल गुजर गए और यही सीखा, किसी भी लव स्टोरी का आखिर में सफल होना बहुत जरूरी है। शुरुआती प्यार के पल तो बहुत अच्छे होते हैं मगर समझदारी से वो अंत तक चलते रहे वो ही सच्ची मुहब्बत है। इसके लिए जरूरी है,
योगेश कुमार (आईएएस)- हां, हम अक्सर एक गलतफहमी में रहते हैं कि दो लोग जो प्यार करते हैं, फिर जीवनसाथी बनते हैं वो एक जैसे होते हैं जबकि सच ये होता है कि हम एक दूसरे से विपरीत होते हैं ( अपोजिट अप्रोच ) । बस हमें एक दूसरे को समझना चाहिए। जैसे मैं और संदीप, यह देर से सोती हैं और देर से जागती हैं, मैं जल्दी सोता हूं और जल्दी जागता हूं । यह बहुत कम बोलती हैं और मैं बहुत ज्यादा। यह बहुत पूजा-पाठ करती हैं और मैं ना के बराबर।
अमर उजाला- आखिरकार आपने कैसे शादी के लिए मना लिया?
योगेश कुमार (आईएएस)- आप ही सोच कर देखिए अगर कोई पहले ही रिजेक्ट कर दे तो कितना मुश्किल होता है दोबारा हिम्मत करना, हुआ ये कि ट्रेनिंग के दौरान उनका पैर फ्रैक्चर हो गया, उस वक्त मैंने उनकी बहुत सेवा की ( एक अच्छे दोस्त की तरह ), ख्याल रखा और ट्रेनिंग में भी मदद की, तब उन्होंने मुझे एक दिन खुद हां कर दी। इस वाकए से मैंने सीखा अच्छे जीवनसाथी सबसे पहले अच्छे दोस्त होते हैं।
अमर उजाला- बाहर आप दोनों आईएएस अधिकारी हैं और घर में कैसे रहते हैं ?
योगेश कुमार (आईएएस)- घर में हम लोग अफसर नहीं होते हैं, जीवनसाथी होते हैं और इस बात को बखूबी समझते हैं कि हम अच्छे माता पिता की तरह जीवन जिए और अपने बच्चों की परवरिश करें। हम दोनों मिलकर अपने बेटे को पढ़ाते हैं, संदीप इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और मैं सोशल साइंस...दोनों मिलकर अपने बेटे को सिखाते हैं और एक दूसरे से भी सीखते हैं। संदीप, बाहर कलेक्टर साहब की भूमिका में होती हैं, सबको सुनती हैं।
अमर उजाला-क्या आप पर कभी नाराज होती हैं, फिर आप क्या करते हैं ?
योगेश कुमार (आईएएस)- बिलकुल होती हैं और मेरे पास एक ही विकल्प होता है, इनको मनाने का। मैं पूरी कोशिश करता हूं कि घर का माहौल बहुत अच्छा रहे क्योंकि हम दोनों के लिए बाहरी दुनिया में बहुत सारी चुनौतियां होती हैं। मैं मनाने के लिए उनके पसंदीदा गीत गाकर सुनाता हूं।
अमर उजाला-ऐसी कौन सी बात है जो आपकी पत्नी संदीप कौर को नहीं पसंद?
योगेश कुमार (आईएएस)- मेरे फोन का पासवर्ड। कभी कभी मेरा ज्यादा बोलना।
अमर उजाला-किसी भी लव स्टोरी की सफलता क्या हैं?
योगेश कुमार (आईएएस)- एक दूसरे के साथ 10 साल गुजर गए और यही सीखा, किसी भी लव स्टोरी का आखिर में सफल होना बहुत जरूरी है। शुरुआती प्यार के पल तो बहुत अच्छे होते हैं मगर समझदारी से वो अंत तक चलते रहे वो ही सच्ची मुहब्बत है। इसके लिए जरूरी है,
- सामंजस्य
- व्यावहारिक संतुलन
- वैचारिक तालमेल
- समय और
- सम्मान।
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