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Vice President Election: धनखड़ को कितनी कड़ी टक्कर दे पाएंगी मार्गरेट अल्वा, जानें उपराष्ट्रपति चुनाव का गणित
Tue, 19 Jul 2022 04:05 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 19 Jul 2022 04:05 PM IST
सार
चर्चा ये है कि आखिर एनडीए उम्मीदवार के आगे मार्गरेट अल्वा की दावेदारी कितनी मजबूत है? क्या वह एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को मात दे सकती हैं? समीकरण क्या कहते हैं? किस उम्मीदवार के पक्ष में कितने दल हैं?
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उपराष्ट्रपति चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने मंगलवार को नामांकन कर दिया। इसके पहले सोमवार को एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने नामांकन किया था। इसके साथ ही दोनों महत्वपूर्ण उम्मीदवार आधिकारिक तौर पर चुनाव के लिए मैदान में उतर चुके हैं।
मार्गरेट अल्वा
- फोटो : अमर उजाला
अल्वा के पक्ष में कितने दल?
विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के नामांकन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, NCP प्रमुख शरद पवार, शिवसेना नेता संजय राउत, वामपंथी दलों की तरफ से सीताराम येचुरी पहुंचे। मतलब अब तक इन दलों ने मार्गरेट को अपना समर्थन दे दिया है। हालांकि, शिवसेना को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शिवसेना के ज्यादातर सांसद एकनाथ शिंदे के साथ हैं। ऐसे में संभव है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना दो फाड़ दिखे। इसके अलावा डीएमके, आरजेडी जैसे दलों का साथ भी मिल सकता है।
विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के नामांकन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, NCP प्रमुख शरद पवार, शिवसेना नेता संजय राउत, वामपंथी दलों की तरफ से सीताराम येचुरी पहुंचे। मतलब अब तक इन दलों ने मार्गरेट को अपना समर्थन दे दिया है। हालांकि, शिवसेना को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शिवसेना के ज्यादातर सांसद एकनाथ शिंदे के साथ हैं। ऐसे में संभव है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना दो फाड़ दिखे। इसके अलावा डीएमके, आरजेडी जैसे दलों का साथ भी मिल सकता है।
उपराष्ट्रपति चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
जगदीप धनखड़ को किसने-किसने दिया समर्थन?
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भाजपा की अगुआई वाले एनडीए ने उम्मीदवार बनाया है। धनखड़ को अब तक भाजपा, जेडीयू, अपना दल (सोनेलाल), बीजेडी, एआईएडीएमके, वाईएसआर कांग्रेस, लोक जनशक्ति पार्टी, एनपीपी, एमएनएफ, एनडीपीपी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) जैसे दलों का समर्थन मिला है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भाजपा की अगुआई वाले एनडीए ने उम्मीदवार बनाया है। धनखड़ को अब तक भाजपा, जेडीयू, अपना दल (सोनेलाल), बीजेडी, एआईएडीएमके, वाईएसआर कांग्रेस, लोक जनशक्ति पार्टी, एनपीपी, एमएनएफ, एनडीपीपी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) जैसे दलों का समर्थन मिला है।
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उपराष्ट्रपति चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
आंकड़ों से जानिए कितने सदस्य वोट डालेंगे?
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य वोट डालते हैं। इनमें मनोनीत सांसद भी शामिल होते हैं। अभी लोकसभा में सदस्यों की संख्या पूरी है। मतलब पूरे 543 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें 12 नामित सांसद रहते हैं। मौजूदा समय में आठ सीटें खाली हैं। इनमें चार जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के कारण जबकि एक सीट त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने माणिक साहा ने छोड़ी है। तीन अन्य नामित सदस्यों की सीट भी खाली है। सरकार उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले नामित सदस्यों के लिए खाली सीटें भर सकती है।
इस लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा वोटर्स के आंकड़े सामने आते हैं। पहला ये कि मौजूदा स्थिति में चुनाव में 237 राज्यसभा सांसद वोट करेंगे। दूसरा यह कि 240 सदस्य वोट कर सकते हैं। 240 सदस्य तब वोट करेंगे जब नामित सदस्यों के तीन खाली पदों को भर दिया जाए।
अब ओवरऑल वोटर्स के आंकड़ों पर नजर डालते हैं। अगर राज्यसभा के 240 सदस्य वोट डालते हैं तो ओवरऑल वोटर्स की संख्या 783 हो जाएगी, लेकिन अगर राज्यसभा के 237 वोटर्स होंगे तो ये आंकड़ा घटकर 780 हो जाएगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य वोट डालते हैं। इनमें मनोनीत सांसद भी शामिल होते हैं। अभी लोकसभा में सदस्यों की संख्या पूरी है। मतलब पूरे 543 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें 12 नामित सांसद रहते हैं। मौजूदा समय में आठ सीटें खाली हैं। इनमें चार जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के कारण जबकि एक सीट त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने माणिक साहा ने छोड़ी है। तीन अन्य नामित सदस्यों की सीट भी खाली है। सरकार उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले नामित सदस्यों के लिए खाली सीटें भर सकती है।
इस लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा वोटर्स के आंकड़े सामने आते हैं। पहला ये कि मौजूदा स्थिति में चुनाव में 237 राज्यसभा सांसद वोट करेंगे। दूसरा यह कि 240 सदस्य वोट कर सकते हैं। 240 सदस्य तब वोट करेंगे जब नामित सदस्यों के तीन खाली पदों को भर दिया जाए।
अब ओवरऑल वोटर्स के आंकड़ों पर नजर डालते हैं। अगर राज्यसभा के 240 सदस्य वोट डालते हैं तो ओवरऑल वोटर्स की संख्या 783 हो जाएगी, लेकिन अगर राज्यसभा के 237 वोटर्स होंगे तो ये आंकड़ा घटकर 780 हो जाएगा।
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उपराष्ट्रपति चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?
अभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की संख्या के हिसाब से वोटर्स की दो संख्या निकलकर सामने आ रही है। पहली परिस्थिति में कुल 783 वोट पड़ सकते हैं। ऐसे में जीत के लिए उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 393 वोट चाहिए होंगे। दूसरी परिस्थिति में अगर 780 वोट पड़ते हैं तो उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 391 वोट चाहिए होंगे।
अभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की संख्या के हिसाब से वोटर्स की दो संख्या निकलकर सामने आ रही है। पहली परिस्थिति में कुल 783 वोट पड़ सकते हैं। ऐसे में जीत के लिए उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 393 वोट चाहिए होंगे। दूसरी परिस्थिति में अगर 780 वोट पड़ते हैं तो उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 391 वोट चाहिए होंगे।