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Nupur sharma: नुपुर शर्मा के निलंबन के पीछे सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं, ये दो बड़े कारण भी हैं, जानिए क्यों बैकफुट पर आई भाजपा?
Tue, 07 Jun 2022 10:39 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 07 Jun 2022 10:39 AM IST
सार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को प्रवक्ता नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। दोनों पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इस कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चा है।
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नुपुर शर्मा और जेपी नड्डा
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को प्रवक्ता नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। दोनों पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इस कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चा है।
नुपुर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पहले पूरा घटनाक्रम जान लीजिए
इन दिनों वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर देशभर में चर्चा छिड़ी हुई है। शुक्रवार 27 मई को भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर नुपुर एक नेशनल टेलीविजन न्यूज चैनल की डिबेट में पहुंचीं। बहस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू आस्था का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। अगर यही है तो वह भी दूसरे धर्मों का मजाक उड़ा सकती हैं। नुपुर ने इसके आगे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र किया, जिसे कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया और नुपुर पर पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
इन दिनों वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर देशभर में चर्चा छिड़ी हुई है। शुक्रवार 27 मई को भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर नुपुर एक नेशनल टेलीविजन न्यूज चैनल की डिबेट में पहुंचीं। बहस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू आस्था का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। अगर यही है तो वह भी दूसरे धर्मों का मजाक उड़ा सकती हैं। नुपुर ने इसके आगे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र किया, जिसे कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया और नुपुर पर पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
नुपुर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
फिर एफआईआर दर्ज हुई और संघ प्रमुख का बयान आया
नुपुर का वीडियो वायरल होते ही एक जून को महाराष्ट्र में नुपुर शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पहला केस दर्ज हुआ। दो जून को महाराष्ट्र में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ।
तीन जून को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर मस्जिद को लेकर एक बयान दे दिया। इसमें उन्होंने कहा, 'इतिहास वह है, जिसे हम बदल नहीं सकते। इसे न आज के हिंदुओं ने बनाया और न ही आज के मुसलमानों ने, यह उस समय घटा.. हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों तलाशना है? यह ठीक नहीं है। हम विवाद क्यों बढ़ाना चाहते हैं? हर दिन हमें नया मामला नहीं लाना चाहिए।'
नुपुर का वीडियो वायरल होते ही एक जून को महाराष्ट्र में नुपुर शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पहला केस दर्ज हुआ। दो जून को महाराष्ट्र में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ।
तीन जून को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर मस्जिद को लेकर एक बयान दे दिया। इसमें उन्होंने कहा, 'इतिहास वह है, जिसे हम बदल नहीं सकते। इसे न आज के हिंदुओं ने बनाया और न ही आज के मुसलमानों ने, यह उस समय घटा.. हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों तलाशना है? यह ठीक नहीं है। हम विवाद क्यों बढ़ाना चाहते हैं? हर दिन हमें नया मामला नहीं लाना चाहिए।'
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नवीन जिंदल और नुपुर शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले सफाई और फिर कार्रवाई
पांच जून को पहले भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने नुपुर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन शब्दों से साफ मालूम चल रहा था कि वह उन्हीं की बात कर रहे हैं। अरुण सिंह ने अपने बयान में कहा, 'पार्टी किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ है। पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा ऐसे लोगों या विचारों को बढ़ावा नहीं देती है।'
अरुण के इस बयान के चंद घंटे बाद ही नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल पर कार्रवाई हो गई। दोनों को पार्टी के सभी पदों से हटाते हुए प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया।
पांच जून को पहले भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने नुपुर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन शब्दों से साफ मालूम चल रहा था कि वह उन्हीं की बात कर रहे हैं। अरुण सिंह ने अपने बयान में कहा, 'पार्टी किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ है। पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा ऐसे लोगों या विचारों को बढ़ावा नहीं देती है।'
अरुण के इस बयान के चंद घंटे बाद ही नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल पर कार्रवाई हो गई। दोनों को पार्टी के सभी पदों से हटाते हुए प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया।
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नुपुर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
जानिए कि क्यों हुई नुपुर पर कार्रवाई?
27 मई को नुपुर का ये बयान आने के बाद से पांच जून की सुबह तक भाजपा के तमाम नेता, सांसद और प्रवक्ता उनका बचाव करते दिखे। भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा तो नुपुर से मिलने उनके घर भी पहुंचे थे। ऐसे में अचानक ऐसा क्या हो गया कि पार्टी ने पहले नुपुर के बयान से किनारा किया और फिर नुपुर से? ये समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय सिंह से बात की। उनसे भी यही पूछा। उन्होंने इसके पीछे के तीन बड़े कारण बताए।
27 मई को नुपुर का ये बयान आने के बाद से पांच जून की सुबह तक भाजपा के तमाम नेता, सांसद और प्रवक्ता उनका बचाव करते दिखे। भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा तो नुपुर से मिलने उनके घर भी पहुंचे थे। ऐसे में अचानक ऐसा क्या हो गया कि पार्टी ने पहले नुपुर के बयान से किनारा किया और फिर नुपुर से? ये समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय सिंह से बात की। उनसे भी यही पूछा। उन्होंने इसके पीछे के तीन बड़े कारण बताए।