ख्वाजा साहब का 805वां उर्स शुक्रवार से अनौपचारिक रूप से शुक्रवार को शुरू हो गया है। इसकी सुरक्षा व्यवस्था के बड़े—बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन सभी दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। यहां सुरक्षा के लिए लगाई गई सभी बैगेज मशीनें बंद हैं। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों को कोई परवाह नहीं है।
मेटल डिटेक्टर फांक रहे हैं धूल
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दरगाह में साइड में पड़ी बैगेज स्कैनर मशीन
- फोटो : amar ujala
ख्वाजा साहब के उर्स का आगाज हो गया है लेकिन पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई विशेष बंदोबस्त नहीं कर रहा है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने दरगाह का जायजा लिया तो पाया कि दरगाह के पांचों गेटों पर लगे मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्केनर मशीन धूल फांक रहे हैं।
भारी पड़ सकती है लापरवाही
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दरवाजे पर बेकार पड़ी बैगेज स्कैनर
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उर्स का आगाज होने के कारण हजारों की संख्या में जायरीन की आवाजाही शुरू हो गई है। खादिम एस एफ मोबिन चिश्ती का कहना है कि सुरक्षा में लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। हाल ही में दरगाह ब्लास्ट का फैसला आया है। पुलिस के आलाधिकारियों को चाहिए कि वह सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करें।
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मेटल डिटेक्टर गेट के सामने आराम फरमा रहे सुरक्षाकर्मी
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काफी लम्बे समय से बंद पड़ी मशीनों को अब तक सुधारा नहीं गया है। वहीं सुरक्षा में लगे जवानों की बात करें तो वह भी इधर—उधर सुस्ताते नजर आ रहे हैं। कुछ अपने मोबाइल में ही लगे हुए हैं। उन्हें दरगाह की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।