जीएसटी एक जुलाई से देशभर में लागू होगा। इसके विरोध में आज भारत बंद की घोषणा की गई। इसका असर राजस्थान में व्यापक तौर पर नजर आया। व्यापारिक संगठनों का दावा है कि बंद के कारण राजस्थान में पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। बंद का असर जयपुर, अलवर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर सहित सभी जिलों में नजर आया। इस दौरान कपड़ा व्यापारी, अनाज व्यापारी, ज्वैलर्स, आदि ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
सुबह से नहीं खुली दुकानें
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जौहरी बाजार
- फोटो : Amar Ujala
राजधानी जयपुर के जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, चांदपोल बाजार, जयंती बाजार, एमआई रोड, राजापार्क समेत सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। इन बाजारों में बंद का असर 80 फीसदी से ज्यादा नजर आया। दुकानें सुबह से ही नहीं खुली। इस कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
बंद को सफल बनाने के लिए 70 टीमें बनाई
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धरने—प्रदर्शन होते रहे
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जयपुर में दिनभर धरने—प्रदर्शन होते रहे। व्यापारियों ने नारेबाजी कर जीएसटी का विरोध किया। व्यापारियों ने स्वैच्छा से अपनी दुकान—आॅफिस बंद रखे। हालांकि कुछ इलाकों में दुकानें खुली रही। इन्हें समझाइश से बंद कराने का प्रयास किया। व्यापारियों की 70 टीमें बनाई गई थी। गलियों में बंद का असर कम रहा। कपड़ा व्यापारी पिछले 4 दिन से दुकानें बंद कर विरोध कर रहे है।
1000 संगठनों के सहयोग से हुआ बंद
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बंद का समर्थन करते किताब व्यापारी
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जीएसटी के विरोध में बंद का आह्वान फैडरेशन अॉफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी), राजस्थान चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री, जयपुर व्यापार महासंघ तथा राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार महासंघ ने मिलकर किया था। बंद को प्रदेश के 1,000 से ज्यादा उद्योग व व्यापार संगठनों का समर्थन मिला। फोर्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने बंद पूरी तरह सफल रहने का दावा किया है।
भीड़भाड़ वाले बाजार भी सुनसान नजर आए व्यापार
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एमआई रोड
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जयपुर में एमआई रोड, जौहरी बाजार ऐसे हैं जहां दिनभर भीड़भाड़ रहती है। वाहनों की रेलमपेल के कारण यहां वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। स्थिति यह रहती है कि जाम के कारण महज आधा किलोमीटर का सफर करने में कई बार तो एक घंटा तक लग जाता है। बंद के कारण ये इलाके आज सुनसान नजर आए। चारदीवारी के बाहर के बाजारों में भी बंद का असर नजर आया। कुछ जगह तो जरुरत के सामान के लिए लोगों को भटकना पड़ा।