अशोक गहलोत सरकार के दौरान हुए भंवरी देवी हत्याकांड में वांटेड इंद्रा विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शासन के समय कांग्रेस के कई दिग्गज मंत्री और विधायक दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में फंसे है। इनमें कुछ को जेल तक जाना पड़ गया। आगे की स्लाइड्स में जानते हैं कि कांग्रेस के कौन-कौन से दिग्गज नेता सैक्स स्कैंडल्स में फंसे हुए है...
महिपाल मदेरणा ने गंवाया था केबिनेट मंत्री पद
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महिपाल मदेरणा
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भंवरदेवी हत्याकांड में गिरफ्तार महिपाल मदेरणा इस समय जेल में है। वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में जल संसाधन मंत्री थे। भंवरीदेवी के साथ उनकी सीड़ी आने के बाद उन्हे पद गंवाना पड़ा और सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मदेरणा परिवार के फंसने से राजस्थान और खासकर कांग्रेस की राजनीति में जाटों वर्चस्व में जबरदस्त कमी आई है। महिपाल मदेरणा दिग्गज नेता परसराम मदेरणा के बेटे है। गहलोत पर भी जाट राजनीति को खत्म करने के आरोप लगे है।
मलखान सिंह के हाथ से फिसली विधायकी
भंवरीदेवी हत्याकांड में मलखान सिंह भी सह आरोपी है। वे लूणी से कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। मलखान सिंह इंद्रा विश्नोई का भाई है। इंद्रा और मलखान दोनों पर ब्लैकमेलिंग करने और भंवरी की हत्या की साजिश का आरोप है। मलखान अभी जेल में है। विश्नोई समाज में मलखान की काफी चलती थी। जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, गंगानगर बाड़मेर में विश्नोई समाज की काफी पैठ है।
संकट से अभी पूरी तरह नहीं उबर पाए नागर
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बाबूलाल नागर
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक और मंत्री बाबूलाल नागर सैक्स स्कैंडल में फंसे हुए है। बाबूलाल नागर जब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ती राज्य मंत्री थे, तब पर एक महिला ने उन पर उसे सरकारी बंगले पर बुलाकर दुष्कर्म और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले में नागर को जेल में रहना पड़ा। नागर ने महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया वहीं महिला का कहना था कि नागर अपने रखूसातों के चलते इस मामले को रफा—दफा करने में जुटे है। नागर को निचली अदालत ने बरी कर दिया है लेकिन, इस मामले में अपील की संभावना के चलते उन पर संकट अभी बरकरार है।
इस विवाद के बाद गहलोत पर भी उठी थी अंगुली
अशोक गहलोत केबिनेट में मंत्री रामलाल जाट भी महिला से कथित संबंध के चलते बदनामी का सामना कर चुके है। अपनी प्राइवेट लाइफ पर उठे विवादों के बाद रामलाल जाट को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री का पद छोड़ना पड़ा। इसके साथ ही वे भीलवाड़ा डेयरी चेयरमैन की पत्नी की संदिग्ध मौत के बाद उसके पोस्टमार्टम के लिए दबाव बनाए जाने पर विवाद में आ चुके है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ.सीपी जोशी के खास माने जाते है। इस विवाद के बाद गहलोत पर भी अंगुली उठी थी। उस समय डॉ. जोशी ने राजनीति षड़यंत्र का आरोप तक लगा दिया था।