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कतारों में अटकी जान, थोड़ा तो पसीजो भगवान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 09 Mar 2017 03:13 PM IST
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एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में लगी कतारें
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी आदेश के खिलाफ जयपुर में चिकित्सकों ने इस्तीफे दे दिए तो मरीजों की जान पर बन आई। आपरेशन थिएटर से लेकर ओपीडी तक, हर तरफ मरीजों की कतार ही कतार देखने को मिली। एकाएक चरमराई इस व्यवस्था ने जहां मरीजों की तकलीफ को बढ़ा दिया, वहीं उनके परिजनों की चिंता को दोगुना कर दिया। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसे कई नजारे देखने को मिले। यहां सवाल ये है कि सरकार और चिकित्सकों के बीच फंसे इस मामले का परिणाम मरीज ही कौन भुगते।
अस्पताल के बाहर इंतजार करते मरीज
फुटपाथ पर पड़े रहे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ जहां परिजन लाइनों में अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ मरीज बाहर ईलाज का। कई नजारे तो ऐसे थे कि फुटपाथ पर मरीजों को छोड़ परिजन लाइनों में लगे थे।
मरीजों के परिजनों के हौंसले हुए पस्त
कतार में लगे रहे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
एसएमएस अस्पताल में गुरुवार के दिन सुबह से भी उहापोह की स्थिति नजर आई। मरीज पहुंचे तो सही लेकिन अस्पताल पहुंचकर उनका मर्ज कम होने की बजाय स्थितियों को देखकर बढ़ और गया। ओपीडी पर लंबी लंबी लाइनें देखते ही परिजनों के हौंसले पस्त हो गए।
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पर्ची कटवाने के लिए भी होते रहे परेशान
पर्ची कटवाने के लिए लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
कतारों में बढ़ती हुई भीड़ के चलते चरक भवन समेत अलग अलग काउंटर पर मरीजों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी बिगड़ गई। कई घंटे के इंतजार के बाद नम्बर आया, फिर पता चला की बड़े डाक्टर साहब तो हैं ही नहीं।
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पहले किया इंतजार फिर लौटने लगे मरीज
मरीज और परिजन रहे परेशान
- फोटो : अमर उजाला
बची हुई कसर कतारों में पसरी अव्यवस्था ने पूरी कर दी। फिर खबर आई कि सरकार और मेडिकल टीचर्स के बीच हो रही वार्ता विफल हो गई। उसके बाद तो मानो चिंताएं कहीं ज्यादा बढ़ गई। कतारों में लगे कुछ लोगों ने प्राइवेट अस्पतालों का रुख भी किया।