राजस्थान दिवस पर जनपथ पर इतिहास और धरोहर पहिए लगाकर दौड़ती नजर आएगी। यकीन नहीं होता है, पर ये सच है। राजस्थान दिवस समारोह के दौरान जनपथ पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राजस्थान की जानी मानी विरासत को दर्शाने वाली झांकियां भी निकाली जाएगी। इसमें अलग अलग संभागों की झांकिया शामिल होंगी, जो हमारी समृद्ध धरोहर के नजारे पेश करेंगी।
छाएगा जंतर मंतर का जादू
2 of 5
जयपुर की झांकी
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर की झांकी में जंतर मंतर को प्रदर्शित किया जाएगा। जयपुर का जन्तर मन्तर सवाई जयसिंह द्वारा निर्मित एक खगोलीय वेधशाला है। यह यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में भी शामिल हैं। इस वेधशाला में 14 मुख्य यंत्र हैं, जो ग्रहों व सौरमंडल की गणना के साथ ही खोगलीय गणनाओं के काम भी आते हैं।
दिखेगी ख्वाजा की झलक
3 of 5
राजस्थान दिवस की झांकियां
- फोटो : अमर उजाला
अजमेर संभाग की झांकी में ख्वाजा की दरगाह को प्रमुखता दी गई है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को दिखाया गया है। अभी ख्वाजा का805 वां उर्स चल रहा है। ऐसे में यह झांकी और भी खास हो जाती है। प्रसिद्ध मेयो कालेज और तारागढ़ किले को भी झांकी में सजाया गया है।
कहानी कहेगा मेहरानगढ़
4 of 5
राजस्थान दिवस की झांकियां
- फोटो : अमर उजाला
जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग पन्द्रहवी शताब्दी का यह विशालकाय किला, पथरीली चट्टान पहाड़ी पर, मैदान से 125 मीटर ऊँचाई पर स्थित है और आठ द्वारों व अनगिनत बुर्जों से युक्त दस किलोमीटर लंबी ऊँची दीवार से घिरा है।
ये किला लगता है आगरे के किले जैसा
5 of 5
राजस्थान दिवस की झांकियां
- फोटो : अमर उजाला
बीकानेर संभाग की झांकी में ऊंट उत्सव, जूनागढ़ किले, बादल महल को दर्शाया जाएगा। बीकानेर के जूनागढ़ की नींव 30 जनवरी 1586 को रखी गई थी और यह इसका निर्माण आठ साल बाद पूरा हुआ | जूनागढ़ बहुत कुछ आगरे के के किले से मिलता जुलता है। चतुर्भुजाकार ढांचे में डेढ़ किलोमीटर के दायरे में किला पत्थर व रोडों से निर्मित है।करणीमाता के प्रसिद्ध मंदिर की झांकी भी नजर आएगी।