राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पुलवामा हमले में एक अहम कामयाबी हासिल की है। उसने इस हमले को अंजाम देने वालों को एक साल तक अपने पास रखने और हमले में शामिल कार में आरडीएक्स लगाने वाले शाकिर बशीर मागरे को पुलवामा से गिरफ्तार कर लिया है। वह हमले को अंजाम देने वाले आदिल अहमद का खास दोस्त है। जो पुलवामा के लेथपोरा में फर्नीचर की दुकान चलाता है।
2018 में बुना गया था पुलवामा हमले का तानाबाना, इस आतंकी ने तैयार की थी बारूदी कार
एनआईए ने शुक्रवार को पुलवामा के हाजीबल काकापोरा से मागरे को गिरफ्तार किया। मागरे ने ही इस हमले को अंजाम देने वालों की मदद की। वर्ष 2018 में जैश के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर फारूक ने शाकिर की मुलाकात आदिल डार से कराई। इसके बाद शाकिर जैश के लिए फुल टाइम काम करने वाला वर्कर बन गया।
डेढ़ साल तक हमलावरों को अपने घर रखा
पुलवामा हमले का तानाबाना 2018 में बुन लिया गया था। जिस समय शाकिर की आदिल से मुलाकात हुई उसके बाद आदिल और फारूक दोनों शाकिर के घर रहने लगे। शाकिर ने ही कार में रखे गए विस्फोटक को तैयार किया था। शाकिर की दुकान लेथपोरा पुल के पास ही है। वह यहां से वह सीआरपीएफ काफिले के मूवमेंट पर भी नजर रखता था और जनवरी में मूवमेंट की पूरी डिटेल शाकिर ने आदिल व फारूक को दे दी थी।
फरवरी के पहले सप्ताह में ही ईको कार में अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रो ग्लिसरीन और आरडीएक्स लगाया गया। कार को पूरी तरह से मॉडीफाई किया गया ताकि किसी को शक न हो।
बता दें कि एनआईए की टीम ने आदिल के डीएनए जांच के लिए नमूने लिए थे। इसके बाद एनआईए ने आदिल के पिता को पकड़ कर उसके खून के सैंपल लिए। आदिल से डीएनए मैच किया और इससे उसकी पहचान हो गई।