कश्मीर घाटी को एक बार फिर से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए पर्यटन विभाग पूरा प्रयास कर रहा है। वहीं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाले श्रीनगर में स्थित एशिया के संबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में इस बार 13 लाख के करीब ट्यूलिप खिलने की उम्मीद है।
13 लाख ट्यूलिप से गुलजार होगा एशिया का ये सबसे बड़ा गार्डन, देखें मनमोहक नजारे
पर्यटकों को कश्मीर की ओर आकर्षित करने के लिए जहां एक ओर पर्यटन विभाग द्वारा कई राज्यों में प्रमोशन शो किये जा रहे हैं वहीं घाटी में जमीनी स्तर पर पर्यटकों को लुभाने के लिए ट्यूलिप गार्डन को खोलने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए फ्लॉरिकल्चर विभाग की ओर से ट्यूलिप गार्डन में तैयारी की जा रही है। उनकी कोशिश यह है कि जल्द इसे खोल दिया जाए ताकि पर्यटक एक बार फिर से कश्मीर की ओर आकर्षित हो सकें।
फ्लोरिकल्चर विभाग के ट्यूलिप गार्डन के इंचार्ज ने बताया कि पिछली बार साढ़े 12 लाख ट्यूलिप लगाए गए थे और इस बार यह संख्या बढ़ाकर 13 लाख की गई है। मौसम अच्छा रहने पर उम्मीद है कि यह फूल अच्छे से खिलेंगे। बताया कि इस बार चार नई किस्म के ट्यूलिप विदेश से आयात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर मौसम अच्छा रहा तो मार्च के आखरी हफ्ते में इसे पर्यटकों को खोल दिया जाएगा।
घाटी की सुंदरता को और देंगे बढ़ावा
अधिकारी के अनुसार ट्यूलिप के पूरी तरह से खिलने के लिए 20 डिग्री के आसपास का तापमान होना चाहिए। उम्मीद है कि जल्द ही ट्यूलिप के रंगे-बिरंगे फूल घाटी की सुंदरता में और बढ़ावा देंगे। इतना ही नहीं पिछले वर्ष इस बाग से कुछ बदलाव भी लाए गए हैं जिसमें बाग के बीचोबीच एक वॉटर चैनल भी है।
पांच लाख पर्यटक आने की उम्मीद
पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि चार से पांच लाख पर्यटक इस बार इस बाग को देखने के लिए पहुंचेंगे। इसके लिए यहां पर ट्यूलिप के साथ-साथ कई अन्य प्रकार के फूल भी लगाए गए हैं, ताकि आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण बना रहे। वहीं अप्रैल के पहले सप्ताह में पर्यटन विभाग की ओर से एक ट्यूलिप फेस्टिवल का भी आयोजन किया जा रहा है, जो देश-विदेश के पर्यटकों को इस ओर आकर्षित करेगा।