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Jammu News: राजोरी जीएमसी में नॉन गजटेड कर्मियों का प्रदर्शन, ओपीडी सेवाएं रहीं ठप
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राजोरी। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजोरी में बुधवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन ने नॉन गजेटेड कर्मचारियों का ढाई दिन का वेतन रोकने और सेवा नियमों को तैयार करने में अत्यधिक देरी पर रोष जताया। विरोध प्रदर्शन प्रांतीय अध्यक्ष एमईएफ जसविंदर सिंह और अध्यक्ष एमईएफ सुशील सूदन के निर्देशों के अनुसार मेडिकल इम्पलॉइज फेडरेशन (एमईएफ) के बैनर तले आयोजित किया गया।
विरोध कार्यक्रम के हिस्से के रूप में जीएमसी राजोरी में ओपीडी सेवाएं और इलेक्टिव ओटी सर्जरी सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निलंबित कर दी गईं। हालांकि, फेडरेशन ने यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन सेवाएं बिना किसी व्यवधान के जारी रहें ताकि मरीजों की देखभाल प्रभावित न हो।
प्रदर्शन में तकनीकी कर्मचारी, पैरामेडिकल कर्मचारी, नर्सिंग कर्मचारी, स्टोरकीपर और क्लेरिकल कर्मचारी, इलेकि्ट्रशियन, ड्राइवर और एमटीएस कर्मचारी सहित 300 से अधिक गैर-गेजेटेड कर्मचारियों ने विरोध में भाग लिया। इसमें मेडिकल फैकल्टी फोरम (रेगट), रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन जेकेएनएचएम इम्पलॉइज फोरम का विस्तारित समर्थन शामिल था। विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने गैर-गेजटेड कर्मचारियों के 2.5 दिन के वेतन को रोकने के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। इसे कर्मचारियों के लिए अनुचित और हतोत्साहित करने वाला बताया।
विरोध करने वाले कर्मचारियों ने गैर-गेजटेड कर्मचारियों के लिए भर्ती और सेवा नियमों को तैयार करने में सात वर्षों से अधिक की देरी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। इसमें कहा गया कि लंबे समय तक देरी ने अनिश्चितता पैदा की है और कर्मचारियों की कॅरिअर प्रगति को प्रभावित किया है। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के प्रतिनिधि भी विरोध स्थल पर पहुंचे और विरोध करने वाले कर्मचारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने फेडरेशन को आश्वासन दिया कि मामला उठाया गया है और वर्तमान में उच्च अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है। कर्मचारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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विरोध कार्यक्रम के हिस्से के रूप में जीएमसी राजोरी में ओपीडी सेवाएं और इलेक्टिव ओटी सर्जरी सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निलंबित कर दी गईं। हालांकि, फेडरेशन ने यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन सेवाएं बिना किसी व्यवधान के जारी रहें ताकि मरीजों की देखभाल प्रभावित न हो।
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प्रदर्शन में तकनीकी कर्मचारी, पैरामेडिकल कर्मचारी, नर्सिंग कर्मचारी, स्टोरकीपर और क्लेरिकल कर्मचारी, इलेकि्ट्रशियन, ड्राइवर और एमटीएस कर्मचारी सहित 300 से अधिक गैर-गेजेटेड कर्मचारियों ने विरोध में भाग लिया। इसमें मेडिकल फैकल्टी फोरम (रेगट), रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन जेकेएनएचएम इम्पलॉइज फोरम का विस्तारित समर्थन शामिल था। विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने गैर-गेजटेड कर्मचारियों के 2.5 दिन के वेतन को रोकने के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। इसे कर्मचारियों के लिए अनुचित और हतोत्साहित करने वाला बताया।
विरोध करने वाले कर्मचारियों ने गैर-गेजटेड कर्मचारियों के लिए भर्ती और सेवा नियमों को तैयार करने में सात वर्षों से अधिक की देरी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। इसमें कहा गया कि लंबे समय तक देरी ने अनिश्चितता पैदा की है और कर्मचारियों की कॅरिअर प्रगति को प्रभावित किया है। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के प्रतिनिधि भी विरोध स्थल पर पहुंचे और विरोध करने वाले कर्मचारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने फेडरेशन को आश्वासन दिया कि मामला उठाया गया है और वर्तमान में उच्च अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है। कर्मचारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।