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R Madhavan: बॉलीवुड बनाम साउथ सिनेमा पर आया आर माधवन का बयान, बोले- जरूरी नहीं कि दक्षिण फिल्मों की...
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा चौधरी
Updated Fri, 24 Jun 2022 09:34 AM IST
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आर माधवन
- फोटो : सोशल मीडिया
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मनोरंजन जगत में काफी समय से साउथ सिनेमा और बॉलीवुड में भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। इस बहस में अब तक कई सितारे अपनी राय रख चुके हैं। वहीं, अब आर माधवन ने भी साउथ बनाम बॉलीवुड की इस बहस में अपनी बात रखी है। आर माधवन इन दिनों अपनी फिल्म 'रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट' के प्रमोशन में जुटे हुए हैं। यह फिल्म 1 जुलाई को रिलीज होगी। प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा कि साउथ की फिल्में अच्छा कलेक्शन कर रही हैं, तो इसका मतलब ये नहीं है कि हिंदी फिल्में सफल नहीं हुई।
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आर माधवन
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एक इंटरव्यू के दौरान जब आर माधवन से साउथ बनाम बॉलीवुड की बहस के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'यह सच है कि 'बाहुबली' 1 और 2, 'आरआरआर', 'केजीएफ' 1 और 2 और 'पुष्पा' पैन इंडिया फिल्में हैं, जो हिंदी फिल्मों से अधिक कमाई करने में कामयाब रही हैं। उनके ज्यादा कमाई करने के कारण हो सकते हैं। शायद इन फिल्मों की पूरे देश में फैन फॉलोइंग ज्यादा थी या शायद सभी फिल्मों को बड़े पैमाने पर बनाया गया था।
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आर माधवन
इसके आगे उन्होंने कहा कि, 'इन फिल्मों की सफलता का मतलब यह नहीं है कि हिंदी फिल्में सफल नहीं हुई हैं। 'गंगूबाई काठियावाड़ी', 'द कश्मीर फाइल्स' और 'भूल भुलैया 2' सभी ने बॉक्स ऑफिस पर बढ़िया प्रदर्शन किया है। ऐसा भी नहीं है कि ये फिल्में छोटी हिट थीं, सभी बड़ी हिट साबित हुई हैं। मुझे लगता है कि कोरोना के बाद से दर्शकों में भी बदलाव आया है और अब उनका धैर्य खत्म हो गया है। हमें कहानी की गति को तेज करने की जरूरत है। शायद जो हिंदी फिल्में सफल नहीं हुईं, वो दर्शकों को यह विश्वास दिलाने में असफल रही हों।'
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इसके अलावा माधवन का मानना था कि जितनी भी फिल्में सफल हुईं है, उनके मुख्य कलाकारों के प्रयासों से दर्शक प्रभावित हुए हैं। 'आरआरआर' में एनटीआर जूनियर और राम चरण के प्रयासों ने और 'पुष्पा' में अल्लू अर्जुन से दर्शक काफी इंप्रेस हुए। माधवन ने कहा कि मुझे लगता है दर्शक इन अभिनेताओं के प्रयासों की सराहना करने में सक्षम हैं, जबकि उनकी फिल्मों को बनाने में महीनों नहीं बल्कि वर्षों लगे हैं। हालांकि मुझे नहीं लगता कि इंडस्ट्री के बारे में हम कुछ भी पहले से बता सकते हैं। इन चीजों का विश्लेषण करना बेकार है।
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