अनीता शर्मा
Take Care of Woollen Clothes: अपनाएं कुछ ‘सर्दी मंत्र’, सालों तक कपड़े बने रहेंगे नए जैसे
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एयरटाइट बैग
कश्मीरी और पश्मीना की शाॅल अधिकतर लोगों की पसंदीदा शाॅल होती हैं। इनको हमेशा ही ऐसे बैग में रखना चाहिए, जिसमें हवा बिल्कुल भी न जा सके। इसके लिए एयरटाइट बैग के इस्तेमाल से वे नमी से बची रहती हैं। इन शाॅल को बैग में पैक करते वक्त नेफ्थलीन की गोलियां रखना न भूलें। सिल्क के स्कार्फ और शाॅल के लिए मलमल के कपड़े का इस्तेमाल करें और अच्छी तरह हैंग करके रखें। इससे उन पर सिलवटें नहीं पड़ेंगी।
कोट सूती बैग में
कपड़ों को काॅटन के बैग में रखें। एयरटाइट बैग में न रखें। खासौतर पर ऊनी स्वेटर को लिनन या काॅटन के बने बैग में ही लपेटकर रखना चाहिए। फर वाले कोट अथवा ऊनी कोट को काॅटन के बैग में रखकर हैंगर में टांगें। इनको प्लास्टिक बैग में नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा इनको ठंडे और अंधेरे स्थान पर रखना चाहिए। इसके बावजूद अगर कोट किसी वजह से नम रह जाए तो उनको ताजी हवा में सुखाना चाहिए।
ब्रश और धूप
ऊनी कपड़ों को सुरक्षित रखने से पहले उन्हें अच्छी तरह ब्रश से झाड़कर साफ कर लें और फिर कुछ देर धूप में रखें। धूप दिखाने के बाद ही उनको पैक करें। दरअसल, ऊनी कपड़ों को सीधे पैक करने से कई बार उनमें नमी रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और वे खराब हो जाते हैं। इसके अलावा रेडीमेड ऊनी कपड़ों को हैंगर में टांगकर रखें और हैंडमेड स्वेटर तथा अन्य गरम कपड़ों को फोल्ड करके रखें।
फुटवियर हो शेप होल्डर में
सर्दियों के फुटवियर भी अलग होते हैं, इसलिए उनका रखरखाव भी सबसे अलग होता है। इन फुटवियर को पैक करने से पहले अच्छी तरह साफ कर लें। फुटवियर और खासकर बूट का साइज सही रखने के लिए आपको पुराने पेपर या टिशू पेपर को उनके अंदर डालना होगा। इससे फुटवियर में दरारें नहीं आएंगी। संभव हो तो फुटवियर को मलमल के कपड़े में लपेट सकती हैं। इससे वे खरोंच लगने से पूरी तरह बच सकेंगे। बूट और अन्य फुटवियर को हमेशा शेप होल्डर में लगाकर रखना चाहिए। इससे बूट और जूतों का साइज ज्यों का त्यों बना रहता है।