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Easter 2024: 31 मार्च को मनाया जा रहा है ईस्टर, जानिए इस दिन का इतिहास और अंडों का महत्व

Sun, 31 Mar 2024 08:57 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 31 Mar 2024 08:57 AM IST
सार

इस लेख के जरिये जानिए कि ईस्टर 2024 कब मनाया जा रहा है, इस पर्व को मनाने की क्या वजह या प्रचलित कथा है, साथ ही ईस्टर पर अंडे तोहफे में देने का क्या महत्व है।

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Easter 2024 Date History And Significance Of Easter Kab Hai
Easter 2024 - फोटो : pexel

Easter 2024: ईसाई धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक ईस्टर है। यह दिन बेहद खुशी का मौका होता है। गुड फ्राइडे के बाद आने वाले संडे यानी रविवार को ईस्टर मनाया जाता है। जहां गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान व त्याग से जुड़ा दिन है तो वहीं ईस्टर ईसा मसीह के उद्धार की खुशखबरी का मौका है।



ईस्टर के मौके पर लोग चर्च में जाकर प्रार्थना करते हैं। इस पर्व को धूमधाम से मनाते हुए एक दूसरे को बधाई देते हैं। ईस्टर को खास तरीके से मनाया जाता है। इस दिन लोग अलग अलग तरह के अंडों को सजाते हैं और एक दूसरे को तोहफे में अंडे देते हैं। इस लेख के जरिये जानिए कि ईस्टर 2024 कब मनाया जा रहा है, इस पर्व को मनाने की क्या वजह या प्रचलित कथा है, साथ ही ईस्टर पर अंडे तोहफे में देने का क्या महत्व है।

Easter 2024 Date History And Significance Of Easter Kab Hai
कब है ईस्टर - फोटो : Freepik

कब है ईस्टर

ईस्टर रविवार को मनाया जाता है। इस कारण इसे ईस्टर संडे भी कहते हैं। ईस्टर संडे गुड फ्राइडे के तीसरे दिन रविवार को मनाया जाता है। इस बार गुड फ्राइडे 29 मार्च को मनाया गया और ईस्टर 31 मार्च को मनाया जा रहा है।

Easter 2024 Date History And Significance Of Easter Kab Hai
Easter Sunday - फोटो : iStock

गुड फ्राइडे क्यों मनाते हैं?

प्रभु यीशु प्रेम और शांति के मसीहा थे। वह दुनिया को करुणा, प्रेम का संदेश देते थे लेकिन रोम के शासक और कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों को यह बात पसंद नहीं थी। इस कारण यीशु को शारीरिक यातनाएं देते हुए सूली पर चढ़ा दिया गया। जिस दिन उनकी मृत्यु हुई उसे गुड फ्राइडे के तौर पर मनाया जाने लगा। जिसके तीन दिन बाद ईस्टर मनाने की भी खास वजह है।

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Easter 2024 Date History And Significance Of Easter Kab Hai
Easter Sunday - फोटो : iStock

क्यों मनाते हैं ईस्टर?

ईसा मसीह को जब सूली पर चढ़ाया गया तो उनके अनुयायी बहुत निराश हो गए। लेकिन तीन दिन बाद संडे के दिन ईसा मसीह पुनर्जीवित हो उठे। उन के पुनर्जीवित होने से अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसलिए ईस्टर को खुशी के पर्व के तौर पर मनाते हैं। ईसाई धर्म ग्रंथ के अनुसार, पुनर्जीवित होने के बाद यानी ईस्टर संडे के बाद 40 दिन तक ईसा मसीह पृथ्वी पर रहे। इस दौरान उन्होंने अपने शिष्यों को प्रेम और करुणा का पाठ पढ़ाया, बाद वे स्वर्ग चले गए।

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Easter Sunday - फोटो : iStock

ईस्टर में अंडों का महत्व

कुछ लोग ईस्टर के मौके पर अलग अलग तरह के अंडों को सजाते हैं और एक दूसरे को भेंट में अंडे देते हैं। ईस्टर में अंडे का विशेष महत्व है। दरअसल, ईसाई धर्म के लोग अंडे को नया जीवन और उमंग का प्रतीक मानते हैं, इसलिए अंडे के जरिये पर्व मनाते हैं।

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