दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों एक तरफ मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा देखा जा रहा है, वहीं हालिया रिपोर्ट्स में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर भी अलर्ट किया जा रहा है।
H1N1 Alert: स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से पहले जान लें बचाव के उपाय, थोड़ी सी लापरवाही बन न जाए जानलेवा?
एच1एन1 इंफ्लूएंजा-ए वायरस का ही एक प्रकार है, जिसमें तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अलर्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बारिश और उमस वाले इस मौसम में पहले से ही बुखार, खांसी, गले में दर्द और शरीर टूटने की शिकायत के साथ बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसी बीच एच1एन1 के मामलों ने और भी चिंता बढ़ा दी है।
- यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि स्वाइन फ्लू कोई नया वायरस नहीं है। ये अब मौसमी फ्लू वायरस के तौर पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैलता रहता है।
- ज्यादातर लोगों में इसका संक्रमण हल्का रहता है और वे कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन हर फ्लू को साधारण समझ लेना भी सही नहीं है।
- छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से ही क्रॉनिक बीमारियों जैसे अस्थमा, हृदय रोग, डायबिटीज के शिकार लोगों में ये ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है।
- कभी-कभी संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया, सांस लेने में परेशानी और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
संक्रमितों में क्या दिक्कतें देखी जाती रही हैं?
एच1एन1 के लक्षण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे ही दिखाई देते हैं।
- संक्रमितों में तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहने के साथ सिरदर्द-मांसपेशियों में दर्द की समस्या होती रहती है।
- बच्चों में इसके कारण उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं।
- गंभीर मामलों में एच1एन1 जानलेवा हो सकता है। इन्फ्लुएंजा से कभी-कभी निमोनिया जैसी जटिलताएं हो सकती हैं जिनके कारण अस्पताल में भर्ती होने खतरा रहता है।
- आमतौर पर एच1एन1 संक्रमण से ज्यादातर लोग आसानी से ठीक हो जाते हैं।
इन दिनों क्या सावधानियां बरतें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एच1एन1 संक्रमण के खतरों को देखते हुए सभी लोगों को इससे बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहना चाहिए।
- ये संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाली ड्रॉपलेट के जरिए फैलता है। ऐसे में अगर किसी को सर्दी-जुकाम है तो उससे दूरी बनाए रखें।
- हाथों और सतहों के जरिए भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है, इसलिए हाथों को बार-बार साफ करते रहना जरूरी है।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क पहनना, हाथों की सफाई और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना सबसे जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।