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Hariyali Teej 2026: बारिश में झूला झूलते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है फंगल इंफेक्शन
Fri, 14 Aug 2026 03:04 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 14 Aug 2026 03:04 PM IST
सार
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज के मौके पर जगह-जगह झूले डाले जाते हैं। पर, क्या आपको पता है कि ये झूले आपको फंगल इंफेक्शन का शिकार बना सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल में।
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बारिश में झूला झूलते समय रखें इन बातों का ध्यान
- फोटो : AI
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Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज का त्योहार महिलाओं के लिए खास उत्साह और उमंग लेकर आता है। इस दौरान जगह-जगह पेड़ों पर झूले लगाए जाते हैं और महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए झूला झूलती हैं। लेकिन मानसून के मौसम में नमी और लगातार बारिश के कारण झूलों की रस्सियों, कपड़ों और आसपास की सतहों पर फंगस और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश में झूला झूलते समय रखें इन बातों का ध्यान
- फोटो : AI
तीज के झूलों से फंगल इंफेक्शन का खतरा क्यों?
मानसून में वातावरण में नमी अधिक होती है। यही नमी फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। अगर झूले की रस्सी या सीट बारिश में भीग गई हो और उसे ठीक से सुखाया न गया हो, तो उस पर नमी बनी रह सकती है। लगातार कई लोगों के इस्तेमाल से त्वचा से निकलने वाले पसीने और गंदगी के संपर्क में आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
मानसून में वातावरण में नमी अधिक होती है। यही नमी फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। अगर झूले की रस्सी या सीट बारिश में भीग गई हो और उसे ठीक से सुखाया न गया हो, तो उस पर नमी बनी रह सकती है। लगातार कई लोगों के इस्तेमाल से त्वचा से निकलने वाले पसीने और गंदगी के संपर्क में आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
बारिश में झूला झूलते समय रखें इन बातों का ध्यान
- फोटो : AI
फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- बारिश से भीगा हुआ झूला इस्तेमाल करने से बचें
- गीले कपड़े पहनकर लंबे समय तक न रहें। बारिश में भीगने पर जल्द से जल्द कपड़े बदलें
- जांघों, कमर, बगल और पैरों के बीच नमी जमा न होने दें
- किसी दूसरे व्यक्ति का तौलिया या कपड़ा इस्तेमाल न करें
- सार्वजनिक झूले पर बैठने से पहले उसकी सतह और रस्सी की स्थिति जरूर जांचें
- ज्यादा देर तक पसीने वाले कपड़ों में रहने से त्वचा में फंगल संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है
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बारिश में झूला झूलते समय रखें इन बातों का ध्यान
- फोटो : AI
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, गोल-गोल दाने, जलन, सूजन या पपड़ी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इन्हें सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज न करें। मानसून में नमी के कारण फंगल इंफेक्शन तेजी से बढ़ सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। खासकर अगर खुजली बढ़ रही हो, दाने फैल रहे हों या घरेलू देखभाल के बावजूद कुछ दिनों में राहत न मिले, तो खुद से कोई क्रीम लगाने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। सही समय पर इलाज शुरू करने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, गोल-गोल दाने, जलन, सूजन या पपड़ी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इन्हें सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज न करें। मानसून में नमी के कारण फंगल इंफेक्शन तेजी से बढ़ सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। खासकर अगर खुजली बढ़ रही हो, दाने फैल रहे हों या घरेलू देखभाल के बावजूद कुछ दिनों में राहत न मिले, तो खुद से कोई क्रीम लगाने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। सही समय पर इलाज शुरू करने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
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- फोटो : AI
तीज पर खूबसूरत दिखने के साथ त्वचा का भी रखें ख्याल
त्योहार के दौरान सजने-संवरने के साथ त्वचा की स्वच्छता पर ध्यान देना भी जरूरी है। मानसून में त्वचा को साफ और सूखा रखें, बारिश में भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछें और नम कपड़ों को तुरंत बदलें। थोड़ी-सी सावधानी आपको तीज के उत्सव का आनंद बिना अनावश्यक त्वचा संबंधी परेशानी के लेने में मदद कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
त्योहार के दौरान सजने-संवरने के साथ त्वचा की स्वच्छता पर ध्यान देना भी जरूरी है। मानसून में त्वचा को साफ और सूखा रखें, बारिश में भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछें और नम कपड़ों को तुरंत बदलें। थोड़ी-सी सावधानी आपको तीज के उत्सव का आनंद बिना अनावश्यक त्वचा संबंधी परेशानी के लेने में मदद कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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