hariyali teej healthy food: हरियाली तीज का त्योहार आते ही घरों में पूजा-पाठ के साथ स्वादिष्ट पकवानों की तैयारी भी शुरू हो जाती है। व्रत रखने वाली महिलाएं जहां फलाहार और सात्विक भोजन का ध्यान रखती हैं, वहीं परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए भी तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन त्योहार की खुशी में कई बार हम ऐसी चीजें भी बना लेते हैं, जिन्हें ज्यादा देर तक रखने या गलत तरीके से तैयार करने पर स्वाद के साथ उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
Hariyali Teej Food: हरियाली तीज पर भूलकर भी न बनाएं ये 5 चीजें, स्वाद और सेहत दोनों हो सकते हैं प्रभावित
5 Foods to Avoid on Monsoon: बहुत देर तक बाहर रखी दूध की मिठाइयों, अत्यधिक तली-भुनी चीजों, बहुत मीठे पकवानों, जरूरत से ज्यादा मसालेदार भोजन और लंबे समय तक रखे हुए खाने को लेकर सावधानी बरतें। बरसात में ताजा भोजन और सही स्टोरेज को प्राथमिकता दें।
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बहुत देर तक बाहर रखी दूध से बनी मिठाइयां
- हरियाली तीज के मौके पर खीर, रबड़ी, कलाकंद, पेड़ा या अन्य दूध से बनी मिठाइयां खूब पसंद की जाती हैं।
- लेकिन बरसात के मौसम में इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना ठीक नहीं है।
- दूध और उससे बनी चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं।
- अगर मिठाई या डेयरी आधारित व्यंजन कई घंटे तक बाहर रखा है, तो उसका स्वाद, गंध और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
क्या करें?
- मिठाइयों को जरूरत के अनुसार ही तैयार करें और जल्दी खराब होने वाली चीजों को उचित तापमान पर रखें।
- बाजार से खरीदी गई मिठाई हो तो उसकी पैकेजिंग और स्टोरेज संबंधी निर्देश जरूर देखें।
बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजें
- तीज के त्योहार पर पकौड़े, पूड़ी, कचौड़ी और दूसरी तली हुई चीजें बनाने का चलन कई घरों में है।
- स्वाद के लिहाज से ये शानदार लगती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा तेल में तली चीजें खाने के बाद भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।
- अगर व्रत के दौरान लंबे समय तक कुछ नहीं खाया गया हो, तो अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन करना खास तौर पर भारी पड़ सकता है।
क्या खाएं?
- तली हुई चीजों की मात्रा सीमित रखें और जरूरत हो तो कम तेल में बने विकल्प चुनें।
- भोजन में फल, दही या अन्य हल्के विकल्प भी शामिल किए जा सकते हैं।
बहुत ज्यादा चीनी वाली मिठाइयां
- त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर पकवान में जरूरत से ज्यादा चीनी डाल दी जाए।
- लड्डू, हलवा, खीर और दूसरी मिठाइयों में चीनी की मात्रा नियंत्रित रखना बेहतर है।
- खासकर उन लोगों को मिठाई खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें डॉक्टर ने चीनी या कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित करने की सलाह दी है।
क्या करें?
- मिठाई छोटी मात्रा में परोसें और संभव हो तो कम मीठे विकल्प चुनें।
- फल और मेवों से तैयार कुछ हल्के विकल्प भी त्योहार के मेन्यू में शामिल किए जा सकते हैं।
बहुत ज्यादा मसालेदार और भारी खाना
- त्योहार के उत्साह में कई बार सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा मसालेदार और भारी खाना तैयार हो जाता है।
- लेकिन बरसात के मौसम में पाचन से जुड़ी परेशानी वाले लोगों के लिए बहुत ज्यादा मसाला, तेल और भारी ग्रेवी असहजता बढ़ा सकती है।
- अगर घर में बुजुर्ग, बच्चे या संवेदनशील पाचन वाले लोग हैं तो मेन्यू में कुछ हल्के व्यंजन जरूर रखें।
बेहतर तरीका
मसालों का संतुलित इस्तेमाल करें और भोजन में दाल, सब्जियां, फल या अन्य पौष्टिक विकल्प शामिल करें।