Breathing Exercises Kaise Kare :आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लगातार काम, स्क्रीन टाइम, नींद की कमी और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के कारण दिमाग अक्सर थका हुआ महसूस कर सकता है। ऐसे में बहुत से लोग खुद को तरोताजा और मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। योग और प्राणायाम इसी दिशा में एक सरल अभ्यास माना जाता है। नियंत्रित तरीके से सांस लेने और छोड़ने की तकनीकों पर आधारित प्राणायाम को योग परंपरा में मन और शरीर के बीच संतुलन बनाने वाला अभ्यास माना जाता है।
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Pranayama For Mental Health: प्राणायाम से मानसिक ऊर्जा कैसे बढ़ाएं? रोज करें ये आसान सांसों के अभ्यास
Sat, 08 Aug 2026 10:52 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:52 AM IST
सार
Mental Health Breathing Exercises : प्राणायाम के दौरान सांस को नियंत्रित करने और उस पर ध्यान केंद्रित करने से मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और धीमी डायाफ्रामिक ब्रीदिंग जैसे आसान अभ्यासों को नियमित वेलनेस रूटीन में शामिल किया जा सकता है। अभ्यास हमेशा आराम से और अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए।
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मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए प्राणायाम
- फोटो : AI
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अनुलोम विलोम प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
अनुलोम-विलोम से शुरू करें
- अनुलोम-विलोम को शुरुआती लोगों के लिए अपेक्षाकृत आसान श्वसन अभ्यास माना जाता है।
- इसमें एक नासिका से सांस लेकर दूसरी नासिका से सांस छोड़ने का क्रम अपनाया जाता है।
- इसे शांत वातावरण में आराम से बैठकर किया जा सकता है।
- शुरुआत में सांस को रोकने के बजाय सामान्य गति से सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान दें।
- नियमित अभ्यास से आपको सांस पर ध्यान केंद्रित करने और कुछ समय के लिए मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है।
भ्रामरी प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
भ्रामरी प्राणायाम से मन को दें शांत माहौल
- भ्रामरी में सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी धीमी गूंज पैदा की जाती है।
- यह अभ्यास शांत वातावरण में किया जाता है।
- इसमें पूरा ध्यान सांस तथा आवाज पर केंद्रित रहता है।
- इसे सुबह या दिन के किसी शांत समय में किया जा सकता है।
- अभ्यास के दौरान शरीर को रिलैक्स रखें और सांस को जबरदस्ती रोकने या खींचने से बचें।
- अगर आपको कान, सांस या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो इसे शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए प्राणायाम
- फोटो : AI
डायाफ्रामिक ब्रीदिंग को बनाएं रूटीन का हिस्सा
- मानसिक रूप से थकान महसूस होने पर कुछ मिनट धीमी और गहरी सांस लेने की आदत उपयोगी हो सकती है।
- डायाफ्रामिक ब्रीदिंग में सांस लेते समय पेट का हिस्सा हल्का ऊपर उठता है और सांस छोड़ते समय नीचे आता है।
- इसका उद्देश्य सांस को सहज और नियंत्रित बनाना है, न कि बहुत ज्यादा गहरी सांस लेना।
- वर्क ब्रेक के दौरान कुछ मिनट शांत बैठकर इस तरह की ब्रीदिंग का अभ्यास किया जा सकता है।
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कपालभाति प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
कपालभाति करते समय रखें खास सावधानी
- कपालभाति योग का लोकप्रिय श्वसन अभ्यास है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त मानना सही नहीं होगा।
- इसमें सांस छोड़ने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सक्रिय होती है।
- अगर आप इसे करना चाहते हैं, तो किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सही तकनीक सीखना बेहतर है।
- शुरुआती लोग तेज गति या लंबे समय तक अभ्यास करने की कोशिश न करें।
- गर्भावस्था, उच्च रक्तचाप, हृदय या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में ऐसे अभ्यास करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना विशेष रूप से जरूरी है।