Digestion Yoga: त्योहारों, शादी-पार्टी, वीकेंड डिनर या किसी खास मौके पर अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं। इसका परिणाम पेट भारी होना, गैस, अपच, ब्लोटिंग, आलस और बेचैनी के रूप में सामने आता है। कई लोग राहत पाने के लिए तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, जबकि कुछ आसान योगासन भी पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
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Yoga After Overeating: अधिक खाने के बाद तुरंत करें ये 5 योगासन, मिनटों में मिलेगा हल्कापन और बेहतर पाचन
Thu, 06 Aug 2026 10:59 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:59 AM IST
सार
Yoga For Digestion Improving: अधिक खाने के बाद वज्रासन, पवनमुक्तासन, मार्जरी-बितिलासन (कैट-काऊ), बालासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन जैसे योगासन पाचन को बेहतर बनाने, गैस और ब्लोटिंग कम करने तथा पेट में आराम देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि भारी भोजन के तुरंत बाद केवल वज्रासन करना सुरक्षित माना जाता है, जबकि अन्य आसन 2-3 घंटे बाद करने चाहिए।
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ज्यादा खाने के बाद कौन सा योग करें
- फोटो : AI
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वज्रासन
- यह भोजन के तुरंत बाद किया जाने वाला सबसे सुरक्षित योगासन है।
- यदि आपने जरूरत से ज्यादा भोजन कर लिया है तो सबसे पहले वज्रासन करें।
- यह उन चुनिंदा योगासनों में शामिल है जिन्हें भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है।
- इसमें बैठने से पेट के आसपास रक्त प्रवाह बेहतर होता है और पाचन क्रिया को सहयोग मिल सकता है।
- लगभग 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठना गैस, एसिडिटी और पेट भारी होने की समस्या में आराम दिलाने में मददगार हो सकता है।
- जिन लोगों के घुटनों में गंभीर दर्द है, वे विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करें।
पवनमुक्तासन
- फोटो : Freepik
पवनमुक्तासन
- पवनमुक्तासन गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने में सहायक है।
- जब भोजन पचने के लिए पर्याप्त समय बीत जाए, तब पवनमुक्तासन किया जा सकता है।
- यह आसन पेट में फंसी गैस बाहर निकालने में सहायक है।
- इससे पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करने और आंतों की हलचल को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
- पवनमुक्तासन से ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
- भोजन के तुरंत बाद इसे नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे असहजता बढ़ सकती है।
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कंधे का दर्द (मार्जरीआसन)
- फोटो : Adobe Stock
मार्जरी-बितिलासन
- यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखने वाला आसान योग है।
- कैट-काऊ योगासन रीढ़ की लचक बढ़ाने के साथ-साथ पेट के अंगों की हल्की मालिश जैसा प्रभाव देता है।
- इससे पाचन तंत्र सक्रिय हो सकता है और कब्ज या भारीपन जैसी समस्याओं में लाभ मिल सकता है।
- इस आसन को हमेशा खाली पेट या भोजन के कम से कम 2-3 घंटे बाद करना चाहिए।
- धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हुए इसका अभ्यास करना अधिक लाभदायक माना जाता है।
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बालासन
- फोटो : istock
बालासन
- यह पेट और शरीर को आराम देने वाला योगासन है।
- अधिक खाने के बाद शरीर में आलस और थकान महसूस होना सामान्य है।
- भोजन पचने के बाद बालासन का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है।
- यह तनाव कम करने, गहरी सांस लेने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।
- तनाव कम होने से अप्रत्यक्ष रूप से पाचन क्रिया पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- यदि घुटनों में गंभीर समस्या हो तो इसे सावधानी से करें।