डेंगू मलेरिया के मच्छर बरसात का मौसम शुरू होते ही तेजी से पनपने लगते हैं। यह वही मौसम होता है जब लोगों को इन खूनी दुश्मनों से सावधान रहने की ज्यादा जरूरत होती है। डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के जनक ये मच्छर रात को नहीं बल्कि दिन में लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में ये कुछ आसान बातें हैं जिन्हें जानना और अपनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
यह फैलता कैसे हैं-
एडिस एजिप्टी प्रजाति के मादा मच्छर के दिन में काटने से यह बीमारी पैदा होती है। यह खून पी कर मजबूत होती है और अंडे देती है। यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान तक नहीं फैलती। गमलों, प्लास्टिक के थैलों, पुराने टायरों, डिब्बों में इक्क्ठा पानी में ये मच्छर पनपता है।
लक्षण-
इन मच्छर के काट लेने के 5-6 दिन बाद लक्षण दिखना शुरू होते हैं। 7-10 दिन तक तेज बुखार बना रहना, सिर औऱ आंखों में दर्द, मांस पेशियों में दर्द, चक्कर आना, उल्टी होना, मसूड़ों से खून बना इसके लक्षण हैं।
इसका इलाज-
यह वायरल बुखार है इसलिए अमूमन इंसान एक हफ्ते में ठीक हो जाना चाहिए। इसका उपचार पैरासिटामॉल खा कर किया जा सकता है ताकि बुखार और दर्द खत्म हो। साथ ही बहुत पानी भी पीना चाहिए ताकि डीहायड्रेशन न हो। समय पर डॉक्टर को दिखा लें।
इससे कैसे बचें-
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छर से बचाने वाली क्रीम, कॉयल और मच्छरदानी लगाएं। दरवाजें खिड़कियां बंद रखें औऱ आसपास पानी जमा न होने दें। खिड़की के पास तुलसी का पौधा लगाने औऱ कमरे में कपूर जला कर रखने से भी मच्छर कम आते हैं।