मौजूदा समय में अगर सबसे बड़ी स्वास्थ्य चिंताओं की बात की जाए तो दिल की बढ़ती बीमारियां टॉप पर होंगी। हर साल इन बीमारियों के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। बुजुर्गों से लेकर युवा, यहां तक कि बच्चे भी इसका शिकार देखे जा रहे हैं।
Heart Health: कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल और दिल रहेगा स्वस्थ, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने दिए 10 जरूरी टिप्स
Cholesterol Kaise Control Kare: घंटों तक कुर्सी पर बैठ कर काम करते रहने, जंक फूड खाने, देर रात तक जागने और तनावभरी दिनचर्या ने कोलेस्ट्रॉल की समस्या को बढ़ा दिया है। इससे बचे रहने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल और हार्ट को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ कहते हैं, कई घंटों तक कुर्सी पर बैठ कर काम करते रहने, जंक फूड खाने, देर रात तक जागने और तनावभरी दिनचर्या ने कोलेस्ट्रॉल की समस्या को बढ़ा दिया है। इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए 10 जरूरी बातें जान लीजिए।
1. हेल्दी खानपान सबसे जरूरी है। सब्जियां-फलों, साबुत अनाज, बीन्स, नट्स- सीड्स और लीन प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कम से कम खाएं क्योंकि इनमें सैचुरेटेड फैट, एक्स्ट्रा चीनी और सोडियम ज्यादा होता है।
2. लाइफस्टाइल में ऐसे बदलाव करें जो आपके कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। वजन को कंट्रोल बनाए रखना, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी, तंबाकू से बचना, ब्लड प्रेशर-डायबिटीज को कंट्रोल रखना जरूरी है। रोजाना 7-9 घंटे की आरामदायक नींद बहुत आवश्यक है।
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3. कम उम्र से ही दिल को स्वस्थ रखने वाले तरीके अपनाएं। हाई कोलेस्ट्रॉल बचपन और किशोरावस्था से ही आपके दिल के जोखिमों को बढ़ाने लगता है। जिन लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा अधिक है उन्हें रेगुलर चेकअप करवाना जरूरी है।
4. बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आनुवंशिक कारणों या अनहेल्दी आदतों की वजह से हो सकती है। 9-11 साल की उम्र के उन सभी बच्चों को कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग की सलाह दी जाती है। इससे दिल की समस्याओं का आकलन किया जा सके और शुरुआती इलाज में मदद मिल सकती है।
5. जिन लोगों के माता-पिता को दिल की बीमारी रही है, ऐसे बच्चों-वयस्कों को अपने डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित रूप से हार्ट चेकअप और जरूरी टेस्ट कराते रहने चाहिए।
6. अगले 10-20 वर्षों में आपको दिल की बीमारी या स्ट्रोक होने का खतरा तो नहीं है, इसका अंदाजा लगाने के लिए डॉक्टर PREVENT नाम के एक नए रिस्क एस्टीमेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह टूल आपकी उम्र और ब्लड प्रेशर की रीडिंग, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट और दूसरी जानकारियों के आधार पर आपमें खतरे का पता लगाती है।
7. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए डाइटरी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह नहीं दी जाती है। अगर आप कोई सप्लीमेंट लेते हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह ले लें क्योंकि कुछ सप्लीमेंट्स का असर डॉक्टर की लिखी दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकते हैं।
8.महिलाओं में, प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ स्थितियां दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं। अपने खतरे को समझने और कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बॉडी मास इंडेक्स जैसी स्थितियों की जानकारी अपने हेल्थ एक्सपर्ट के साथ साझा करें ताकि दिल की सेहत के सही तरीके से अंदाजा लगाया जा सके।
9. कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं जैसे टाइप 2 डायबिटीज, कार्डियो-किडनी-मेटाबॉलिक सिंड्रोम, एचआईवी इन्फेक्शन, कैंसर के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को दिल की बीमारी या स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने से दिल की गंभीर बीमारी का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
10. कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने के लिए सेहतमंद जीवनशैली की आदतें अपनाने के अलावा, आपको कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा भी दी जा सकती है।
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स्रोत:
ACC/AHA Cholesterol Guideline
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