हमारा शरीर स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है कि आपके सभी अंग ठीक तरीके से काम करते रहें। हम सभी दिल की सेहत, फेफड़े, लिवर हेल्थ का हमेशा ध्यान रखते हैं पर क्या आप आंतों की सेहत को लेकर अलर्ट हैं? अक्सर हमारा ध्यान आंतों की तरफ कम ही जाता है।
Gut Health: आपका गट हेल्थ ठीक है या नहीं? ये टेस्ट बताएंगे पेट के भीतर की सारी कहानी
Gut Health Test: आपको बार-बार पेट फूलने, कब्ज या डायरिया, खाना खाने के बाद भारीपन, बार-बार थकान या स्किन पर पिंपल्स जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो ये गट खराब होने के संकेत हो सकते हैं। आंतों की सेहत के बारे में जानने के लिए कौन से टेस्ट कराए जा सकते हैं?
आंतों की सेहत के बारे में जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गट हेल्थ की समस्याओं के बारे में जानना और इसके लक्षणों की पहचान करना जरूरी है। लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी पूरी सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाया है, आंतों की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर देखा जा रहा है।
आपको बार-बार पेट फूलने, कब्ज या डायरिया, खाना खाने के बाद भारीपन, थकान या त्वचा में मुंहासे हो रहे हैं तो ये गट खराब होने के संकेत हो सकता है। इस तरह के लक्षणों को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
अगर आप अपनी सेहत को ठीक रखना चाहते हैं, तो अपनी गट हेल्थ को गंभीरता से लें।
कैसे जानें आपकी आंतें हेल्दी हैं या नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारी आंतों में करोड़ों गुड और बैड बैक्टीरिया रहते हैं। यही बैक्टीरिया भोजन तो तोड़ने में मदद करते हैं। अगर इन बैक्टीरिया में असंतुलन हो जाए तो इसके कारण पूरा पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। गट हेल्थ खराब होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है।
- अपच, गैस, पेट दर्द, कब्ज या बार-बार दस्त हो रहा है तो सावधान हो जाइए।
- बार-बार मीठा खाने की इच्छा होना, अचानक वजन बढ़ना या घटना और इम्युनिटी कमजोर होना भी खराब गट की निशानी है।
- कई बार इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है जिसके कारण एंग्जायटी, मूड स्विंग्स और नींद की समस्या हो सकती है।
- आंतों की समस्याओं के कारण त्वचा की दिक्कतें जैसे एलर्जी या रैशेज और मुंहासे की समस्या भी बढ़ जाती है।
आंतों की सेहत के बारे में जानने के लिए कौन से टेस्ट कराएं?
आपकी आंतें स्वस्थ हैं या नहीं इसके लिए लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहें। डॉक्टर की सलाह पर कुछ टेस्ट की मदद से गट हेल्थ की पहचान की जा सकती है।
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गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने गट हेल्थ की समस्याओं के पहचान के लिए कुछ टेस्ट बताए हैं।
फीकल कैल्प्रोटेक्टिन टेस्ट
ये स्टूल टेस्ट है जो कैल्प्रोटेक्टिन प्रोटीन के स्तर को मापता है। ये गट में इंफ्लेमेशन की समस्या के बारे में पता लगा सकता है।
सीलिएक रोग टेस्ट (tTg-IgA)
ये ब्लड टेस्ट खून में tTg-IgA के स्तर की जांच करता है। पेट दर्द, पेट फूलने, कब्ज, उल्टी, दस्त में ये टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।
एच. पाइलोरी ब्रेथ टेस्ट
ये पेट में बैक्टीरिया के संक्रमण का पता लगाने वाला टेस्ट है, जो अक्सर अल्सर का कारण बनते हैं।
पैंक्रियाटिक इलास्टेस टेस्ट
पैंक्रियाटिक इलास्टेस टेस्ट स्टूल के सैंपल में इलास्टेस-1 एंजाइम के स्तर को मापता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैंक्रियास भोजन को कितनी अच्छी तरह पचा रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस, न्यूज एजेंसी पीटीआई इनपुट के आधार पर तैयार किया गया है।
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