मेडिकल साइंस में हुई प्रगति और अत्याधुनिक खोजों ने कई गंभीर बीमारियों के इलाज को अब काफी आसान बना दिया है। एक समय जो बीमारियां मौत का दूसरा नाम मानी जाती थीं, आज उनका इलाज संभव हो गया है। एचआईवी जैसे संक्रमण को अब दवाओं के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है, वहीं कैंसर के इलाज में हुई प्रगति ने लोगों का सर्वाइवल रेट बढ़ा दिया है।
Alert: पांच कॉमन बीमारियां जिनका अब तक डॉक्टरों के पास नहीं है कोई इलाज, हर साल लाखों लोग होते हैं शिकार
एक समय जो बीमारियां मौत का दूसरा नाम मानी जाती थीं, आज उनका इलाज संभव हो गया है। एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी को अब दवाओं के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। पर अब भी कई आम समस्याओं का कोई भी इलाज मौजूद नहीं है।
अब भी कई बीमारियों का नहीं है कोई इलाज
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई बहुत आम सी स्वास्थ्य समस्याओं का अब तक कोई उपचार उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर इन बीमारियों के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए ही दवाइयां देते हैं। बीमारी को जड़ से खत्म करने का तरीका अभी तक नहीं मिल पाया है। ऐसी कई बीमारियों का नाम सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे।
आइए ऐसी ही बीमारियों के बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
डेंगू का अब तक नहीं है कोई इलाज
क्या आपको पता है कि अब तक डेंगू का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल इसके लक्षणों जैसे बुखार, दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट की समस्या को ठीक करने के लिए दवा देते हैं।
- डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है।
- इस बीमारी में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं, जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
- इसके इलाज में मुख्य रूप से खूब पानी पीते रहने, पैरासिटामोल और पौष्टिक चीजों के सेवन की सलाह दी जाती है।
चिकनगुनिया का भी नहीं है उपचार
डेंगू की ही तरह चिकनगुनिया का भी कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है।
- चिकनगुनिया भी एक वायरल बीमारी है, जो मच्छरों के जरिए फैलती है। इसमें तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होता है।
- इसके इलाज में केवल दर्द निवारक दवाएं, आराम करने की सलाह दी जाती है।
- इससे बचाव को लिए कोई खास दवा या वैक्सीन अब तक नहीं है।
रेबीज में मौत पक्की
रेबीज एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते और कुछ अन्य जानवरों के काटने से फैलती है। खास बात यह है कि लक्षण दिखने के बाद इसको ठीक नहीं किया जा सकता है। ये 100% जानलेवा मानी जाती है।
- रेबीज के कारण शुरुआत में बुखार, सिरदर्द और कमजोरी होती है। लेकिन बाद में यह दिमाग को प्रभावित करती है, जिससे मरीज को पानी से डर लगने लगता है।
- रेबीज का एकमात्र बचाव समय पर वैक्सीन लगवाना है। अगर काटने के तुरंत बाद टीका लग जाए, तो बीमारी को रोका जा सकता है।
