भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में इन दिनों ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ता जा रहा है। अध्ययनों में इन सब-वैरिएंट की प्रकृति को अति-संक्रामक बताया जा रहा है। डेल्टा वैरिएंट के बाद से सामने आए ज्यादातर वैरिएंट्स को गंभीरता के लिहाज से विशेषज्ञ हल्का मानते रहे हैं, हालांकि ओमिक्रॉन BA.5 फिर से एक बार कोरोना के गंभीर मामलों को बढ़ाता हुआ दिख रहा है।
Covid-19 Study: 'ओमिक्रॉन BA.5 की यह प्रकृति बनी 'गंभीर चिंता' का कारण, ऐसे लोगों में वेंटिलेशन और मृत्यु का खतरा अधिक'
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वैक्सीन प्रतिरोधी है सब-वैरिएंट BA.5
नेचर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.5, कोरोना के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में वैक्सीन के लिए चार गुना अधिक प्रतिरोधी है। वैज्ञानिकों ने पाया कि ओमिक्रॉन के पहले के उपभेदों की तुलना में यह वैरिएंट मैसेंजर आरएनए टीकों के खिलाफ चार गुना अधिक प्रतिरोधी साबित हो रहा है। फाइजर और मॉडर्ना जैसी आरएनए वैक्सीन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को यह आसानी से चकमा देकर आपको संक्रमित कर सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि इसकी संक्रामकता दर काफी अधिक है इसलिए इससे सभी लोगों में खतरा बना हुआ है।
वैज्ञानिकों ने बताया हाइपरकॉन्टेजियस
मायो क्लिनिक की एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने इसे "हाइपरकॉन्टेजियस" वैरिएंट बताया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे कोमोरबिडिटी वाले संक्रमितों के अस्पताल और आईसीयू में भर्ती होने के मामले भी देखे जा रहे हैं, जिससे साबित होता है कि यह वैरिएंट गंभीर रोगों का भी कारण बन सकता है।
यूएस सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 9 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में यूएस में सामने आए संक्रमण के कुल मामलों में से 65 प्रतिशत के लिए कोविड-19 के BA.5 स्ट्रेन को प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है।
बिना टीकाकरण वालों में बढ़ा मृत्युदर का जोखिम
मायोक्लिनिक में प्रमुख वैज्ञानिक डॉ ग्रेगरी पोलैंड कहते हैं, जिन लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, ऐसे लोगों में इस वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा लगभग पांच गुना अधिक हो सकता है। बिना टीकाकरण वाले लोगों में इससे संक्रमण की स्थिति पर अस्पताल में भर्ती होने की आशंका 7.5 गुना अधिक और मृत्यु का खतरा 14 से 15 गुना अधिक देखा जा रहा है।
क्या यह मौत का जोखिम बढ़ाने वाला वैरिएंट है? इसकी पुष्टि के लिए फिलहाल हमारे पास ठोस सबूत नहीं है पर इसके खतरे को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
डॉ ग्रेगरी कहते हैं, कोरोना के इस सब-वैरिएंट को लेकर प्राप्त अध्ययनों के परिणाम डराने वाले हैं। "मैं यहां एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं जो सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि चाहे आपका वैक्सीनेशन हो चुका हो या आप पहले संक्रमित हो चुके हों अथवा आप संक्रमित रहने के बाद टीकाकरण भी करा चुके हों तो भी ओमाइक्रोन सब-वैरिएंट BA.5 के खिलाफ किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
हां, वैक्सीनेशन आपमें लक्षणों की गंभीरता को कम कर देती है। यह मरने और अस्पताल में भर्ती होने या वेंटिलेटर पर जाने से आपको बचा सकती है। पर जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है उनमें इससे गंभीर खतरा बना हुआ है।
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स्रोत और संदर्भ
Antibody evasion by SARS-CoV-2 Omicron subvariants BA.2.12.1, BA.4, & BA.5
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