क्या आपको भी लगता है कि आजकल की जिंदगी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आरामदायक हो गई है? सीढ़ियों की जगह लिफ्ट ने ले ली ही, बाजार जाने की जगह सामान घर पर ही डिलिवर हो जाता है, साइकिल की जगह लोग लग्जरी कार में सफर करना ज्यादा पसंद करते हैं? निश्चित ही इन सब चीजों नें हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है, पर क्या आप जानते हैं कि शरीर के लिए यही सुविधाएं धीरे-धीरे मुसीबत बनती जा रहीं है?
Bad Habits Risk: आज की आरामदायक जिंदगी कल न बन जाए बीमारी की वजह, तुरंत बदल लें ये आदतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न होने से हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आपकी आज की आदतें कहीं कल के लिए मुश्किलें न खड़ी कर दें?
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लाइफस्टाइल की गड़बड़ी पर सकती है भारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक गतिविधियों के कम होने का एक बड़ा कारण लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ना भी है। सुबह उठते ही मोबाइल, दिनभर लैपटॉप के सामने कुर्सी पर बैठे रहना अपने आप शारीरिक गतिविधियों को कम कर देता है। इसके अलावा खाने में जल्दबाजी, देर रात तक जागना और तनाव की आदतें छोटी लग सकती हैं, लेकिन लंबे समय में इनका असर वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
आइए जानते हैं कि आज की किन आदतों का कल की सेहत पर गहरा असर हो सकता है?
घंटों बैठे रहने की आदत छोड़ें
- लंबे समय तक बैठे रहना मौजूदा समय की बड़ी समस्या है। लंबे समय तक बैठे या निष्क्रिय रहने का सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर हो सकता है। लगातार बैठने के बजाय काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें औ। हर कुछ समय बाद उठकर चलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
छोटी दूरी के लिए पैदल जाएं
- छोटी दूरी के लिए वाहन का इस्तेमाल कम करके पैदल चलना रोज की गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका है। नियमित पैदल चलना कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस और शरीर की सक्रियता के लिए उपयोगी है। वॉक करने से खून का संचार ठीक रहता है और कई बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।
स्क्रीन टाइम कम करें और नींद पर दें ध्यान
- रात में लगातार मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखते रहना नींद की गुणवत्ता और सोने के समय को प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ वयस्कों के लिए आम तौर पर कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं। सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना, कमरे को शांत और आरामदायक रखना तथा रोज लगभग एक ही समय पर सोने-जागने की कोशिश करना बेहतर नींद लेने में मदद कर सकता है।
पानी पीते रहना जरूरी
- शरीर के लिए पानी पीते रहना बहुत जरूरी है, प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय दिनभर नियमित रूप से पानी पीने की आदत बनाएं । गर्म मौसम या ज्यादा व्यायाम के समय तरल पदार्थ की जरूरत बढ़ सकती है। हालांकि अत्यधिक पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। रोज कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।