शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए डाइट पर ध्यान देना सबसे जरूरी हो जाता है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन के साथ नियमित रूप से व्यायाम भी बहुत जरूरी है। जब हम नियमित रूप से आहार के माध्यम से कैलोरी वाली चीजें तो ले रहे होते हैं पर व्यायाम करके इसे बर्न नहीं कर पाते तो शरीर में फैट बढ़ने लग जाता है। शरीर में चर्बी जमा होने के साथ खून में शुगर का स्तर भी धीरे-धीरे ऊपर जाने लगता है। ये दोनों समस्याएं सेहत के लिए कई तरह की मुश्किलें खड़ी करने वाली हो सकती हैं।
Health Alert: शरीर में बढ़ रहा फैट और शुगर? इन दोनों का खतरनाक कनेक्शन बिगाड़ सकता है सेहत
शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट हृदय स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अधिक वजन और मोटापा हृदय रोग और स्ट्रोक जैसे कार्डियोवस्कुलर रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। शुगर बढ़ने के कारण जोखिम और भी बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि इन समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है?
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फैट बढ़ने के कारण होने वाली दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में जरूरत से ज्यादा जमा फैट कई तरह के जोखिमों को बढ़ा सकती है। पेट के आसपास जमा चर्बी को अध्ययनों में मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाला पाया गया है।
- डॉक्टर कहते हैं, शरीर में फैट बढ़ने की सबसे बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा कैलोरी वाली चीजों का सेवन करना और इसे ठीक तरीके से बर्न न कर पाना।
- जैसे-जैसे शरीर में फैट और वजन बढ़ने लगता है, इसके साथ-साथ कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर होने तक को खतरा बढ़ जाता है।
ब्लड शुगर बढ़ना पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक
ब्लड शुगर यानी खून में ग्लूकोज की मात्रा वैसे तो शरीर के लिए ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन इसका स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहना नुकसान पहुंचा सकता है।
- टाइप-2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का अच्छे तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता या समय के साथ पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। इसके कारण लगातार ब्लड शुगर हाई रह सकता है।
- लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने पर रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंच सकता है।
- डायबिटीज के शिकार लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी, आंखों की समस्या और पैरों की गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच रेणु रखेजा कहती हैं, शरीर में दो तरह के टैंक होते हैं- शुगर और फैट का टैंक। एक स्वस्थ शरीर इन टैंकों के बीच स्विच करता है। लेकिन 40 की उम्र के बाद यह स्विच जाम होने लगता है और शरीर सिर्फ शुगर पर टिक जाता है। इसमें मसल्स घटने लगती हैं, जो फैट बर्न का अहम हिस्सा है। शरीर रातभर लिवर से शुगर बाहर निकालता है। दिनभर खाते रहने से इंसुलिन बढ़ाती है। फिर सुबह-सुबह थकान, दोपहर में नींद और पेट की कई दिक्कतें हो सकती हैं।
आप कुछ आदतों को अपनाकर शरीर में शुगर और फैट की मात्रा को कम कर सकते हैं।
- रात में कम खाएं या फास्ट करें
रात 8 बजे तक खाना खा लें और नाश्ता सुबह 8 बजे के बाद करें। इस दौरान पानी, ब्लैक कॉफी या हर्बल चाय पी सकते हैं। इससे शरीर को 12-14 घंटे का ब्रेक मिलता है।
- बिना खाए 20 मिनट चलें
तेज वॉक, साइकलिंग, तैराकी करें। बिना खाए सुबह 20 मिनट चलें। इससे शरीर फैट टैंक से ऊर्जा लेता है और धीरे-धीरे फैट बर्न होता है।
- सुबह की शुरुआत प्रोटीन से करें
सुबह 30 ग्राम प्रोटीन वाला नाश्ता जैसे अंडे या पनीर भुर्जी, स्प्राउट मूंग या चीला खाएं। इससे शुगर लेवल स्थिर रहता है और दिन में फैट बर्न आसान होता है।
- खानपान पर ध्यान दें
व्यायाम के बाद रोटी, चावल, मिलेट्स, फल खाएं। बाकी समय थाली को सब्जियों और दाल से भरें, स्टार्च वाले भोजम को कम रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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