सर्दियों का मौसम कई मामलों में खास होता है। तमाम तरह की फल-सब्जियों के साथ खाने-पाने के लिए उपलब्ध चीजें इस मौसम को बेहद खास बनाती हैं, हालांकि इसी के साथ यह मौसम सेहत के लिहाजे से काफी चुनौतीपूर्ण भी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में शरीर की सुरक्षा करना बहुत आवश्यक होता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतना और भी आवश्यक हो जाता है। यही कारण है कि इस मौसम में उन चीजों के सेवन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है जो शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकें।
आज का हेल्थ टिप्स: सर्दी-जुकाम से बचना हो या बढ़ानी हो इम्यूनिटी, बहुत कारगर है यह 'चमत्कारी औषधि'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्दी-जुकाम से मिलती है राहत
दालचीनी का मसाले या काढ़े में मिलाकर सेवन करना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकता है। ठंड के मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम की समस्या को दूर करने में दालचीनी का सेवन करना लाभदायक माना जाता है। इसमें पॉलीफेनोल्स और प्रोएंथोसायनिडिन एंटीऑक्सिडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है जो आपकी इम्यूनिटी को स्वाभाविक रूप से बढ़ाने में सहायक है। यह एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और एंटीफंगल गुणों से भी युक्त मानी जाती है।
एंटीऑक्सिडेंट्स का बेहतर स्रोत
दालचीनी में एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है जो आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाती है। 26 मसालों के एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों को लेकर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दालचीनी को सबसे बेहतर पाया। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा देने में भी दालचीनी का सेवन करना लाभदायक हो सकता है।
संक्रमण से रखती है सुरक्षित
दालचीनी के मुख्य सक्रिय कंपाउड्स में से एक सिनामाल्डिहाइड इसे विभिन्न प्रकार के संक्रमण से लड़ने में असरदार बनाती है। दालचीनी का तेल, फंगस के कारण होने वाले श्वसन पथ के संक्रमण को ठीक करने में सहायक मानी जाती है। यह लिस्टेरिया और साल्मोनेला सहित कई प्रकार के बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने में भी सहायक मानी जाती है।
एचआईवी जैसे वायरस से मुकाबले में कारगर
एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो धीरे-धीरे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बना देता है, जो अंततः एड्स का कारण बन सकती है। माना जाता है कि दालचीनी की कुछ किस्में एचआईवी-1 वायरस से लड़ने में मदद करती हैं। एचआईवी संक्रमित कोशिकाओं को लेकर किए गए एक प्रयोगशाला अध्ययन में पाया गया कि दालचीनी इसमें सबसे प्रभावी उपचार साबित हो सकती है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X